मोटरसाइकिल (या मोटरबाइक) आंतरिक दहन इंजन से उर्जा प्राप्त करने वाले एक दो चक्के का वाहन है। यह एक बहुउपयोगी वाहन है। यह मनोरंजन, माल एवम मनुष्यो को ढोने के कार्य में उपयोग में लिया जाता है। भारत में यह सर्वाधिक बिकने वाला वाहन है। विकासशील देशों में इन की बिक्री अन्य किसी भी वाहन से ज्यादा होती है। सन २००८-०९ में भारत में बिके सभी वाहनो में ७६.५% वाहन दो चक्के वाले थे।[1]

मोटरसाइकल का इतिहाससंपादित करें

मोटर साईकल का सबसे पहला विकास सन् 1885 में डेमलर[2] और विलियम मेबैक ने जर्मनी में किया था।

प्रकारसंपादित करें

मोटर साइकल अनेक प्रकार की होती हैं। जैसे कि बॉबर या चोपर या फिर क्रूजर या फिर कि स्पोर्टस प्रकार की मोटर सायकिलें| इसके आलावा मोटर सायकिलों को हल्के एंव भारी प्रकार में भी वर्गीकृत किया जा सकता है। विकिसत देशों में मोटरसायिकलों के सभी प्रकार पाये जाते हैं। लेकिन विकासशील देशों में पेट्रोल की बढ़ती हुई कीमतों के कारण आमतौर पर हल्की एवं किफायती मोटरसायिकलों का ही बोलबाला है।

भारत मे मोटरसाइकलसंपादित करें

भारत में स्वतंत्रता से पहले मात्र कुछ ही मोटर साइकिलें चलती थीं। उनमे से प्रमुख मोटर साइकिलें थीं इन्फील्ड बुलेट / जावा/ एवं एस्कार्ट मोटर की राजदूत मोटरसायकिल। बाद के वर्षेां में अनेक सस्ती मोटर सायकिलों का प्रचलन आरंभ हुआ। सबसे पहले जापानीज मोटर सायकिल निमार्ता सुजुकी ने १९८४ में टीव्हीएस के साथ, इंड-सुजुकी एएक्स १०० लांच की! फिर होंडा ने १९८५ में अपना प्लांट भारत की अग्रणी साइकिल निमार्ता हीरो के साथ मिल कर के लगाया था उसके बाद यामाहा सुजूकी आदि ने अपने प्लांट लगाये | आज हीरो होंडा मोटरसायकिलें सबसे ज्यादा बिकने वाली मोटर साइकिल है।

सन्दर्भसंपादित करें

  1. "भारतीय वाहन निर्माता संघ (SIAM)". मूल से 21 जून 2009 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 16 जून 2009.
  2. पृष्ठ क्रमाँक ४०-४१ बाल ज्ञान- विज्ञान एन्साइक्लोपीडिया संचार-परिवहन आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 978-81-85134-54-3

देखेंसंपादित करें

बाहरी कड़ियाँसंपादित करें