यस्न या जस्न दो अर्थों में प्रयुक्त होता है-

  • (१) अवेस्ता के धर्मकर्म एवं पूजा सम्बन्धी भागों का समूह
  • (२) पारसी धर्म (ज़रदुश्त धर्म) की की मुख्य पूजा या उत्सव का नाम जिसमें उपरोक्त ग्रन्थ का पाठ किया जाता है। यह उत्सव केवल सुबह के समय की जाती है।
यस्न 28.1, अहुनावैति गाथा

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