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यूट्यूब प्रीमियम (पहले यूट्यूब रेड) यूट्यूब की एक शुल्क वाली स्ट्रीमिंग सेवा है, जो संयुक्त राष्ट्र, ऑस्ट्रेलिया, मेक्सिको, न्यू ज़ीलैंड और दक्षिण कोरिया में उपलब्ध है। इस सेवा से यूट्यूब के सारे वीडियो बिना विज्ञापन के देखे जा सकते हैं। इसके अलावा कुछ साइट के साथ मिल कर कुछ विशेष वीडियो भी बनाए गए हैं, जिसे केवल यूट्यूब पर देखा जा सकता है। इसके साथ साथ इसमें मोबाइल पर ऑफलाइन वीडियो चलाने और की सुविधा भी मिलती है।

यूट्यूब प्रीमियम
YouTube Premium
उद्योग इंटरनेट
मातृ कंपनी यूट्यूब
वेबसाइट youtube.com/red

इस सेवा को नवम्बर 2014 को म्यूजिक की नाम से शुरू किया गया था। उस समय इसमें केवल बिना विज्ञापन के सिर्फ गाने और वीडियो वाले गाने ही मिलते थे। तब इसे यूट्यूब और गूगल प्ले म्यूजिक से सुना जा सकता था। इस सेवा को फिर से नए रूप में "यूट्यूब रेड" नाम से 31 अक्टूबर 2015 को शुरू किया गया। इसके शुरुआत के साथ ही इसमें सारे यूट्यूब वीडियो को बिना विज्ञापन के देखने की सुविधा भी जोड़ दी गई थी। इसके बाद 17 मई 2018 को इसका नाम बदल कर "यूट्यूब प्रीमियम" कर दिया गया। इसी के साथ ये "यूट्यूब म्यूजिक" वाले सेवा से अलग हो गया।

इतिहाससंपादित करें

इसे पहली बार नवम्बर 2014 में म्यूजिक की नाम से शुरू किया गया था। इसे यूट्यूब और गूगल प्ले म्यूजिक को मिला कर चलाया जा रहा था। "म्यूजिक की" बिना कोई विज्ञापन के यूट्यूब के गाने वाले वीडियो को सुनने देता था। जिसे यूट्यूब एप के साथ आप मोबाइल में ऑफलाइन भी चला सकते थे। इसमें इसके साथ गूगल प्ले म्यूजिक को भी जोड़ दिया गया था। "म्यूजिक की" के साथ साथ गूगल ने "प्ले म्यूजिक" और यूट्यूब एप में दोनों को एक साथ काफी अच्छी तरह से जोड़ दिया। जिसमें "प्ले म्यूजिक" एप से आप यूट्यूब के सारे संगीत वाले वीडियो देख सकते थे। "म्यूजिक की" यूट्यूब का पहला प्रीमियम सुविधा नहीं है, इससे पहले भी 2010 में फिल्मों के लिए और 2013 में यूट्यूब के चैनल हेतु भी इस तरह की प्रीमियम सेवा शुरू की गई थी।

इसके बीटा रूप में जब केवल निमंत्रण पर लोगों को इसका उपयोग करने का मौका मिलता था, तब इसका बहुत छोटा दायरा होने के कारण औसत प्रतिक्रिया ही देखने को मिली। इसमें कई सारे संगीत वाले वीडियो इसके दायरे में शामिल नहीं थे। यही कारण था कि बाद में "म्यूजिक की" को नए रूप में "यूट्यूब रेड" के नाम से बनाया गया, जो सारे यूट्यूब वीडियो को बिना विज्ञापन के देखने की सुविधा देता है। इसके लिए यूट्यूब उस वीडियो को बनाने वालों से अनुमति लेता है, ताकि वो उनके वीडियो को बिना विज्ञापन के लोगों को दिखा सके। इसके बदले वो जितना रकम देखने वालों से लिए रहता है और जितना वीडियो देखा गया, उसके अनुसार उन वीडियो बनाने वालों उस रकम को साझा करता है।


सन्दर्भसंपादित करें

बाहरी कड़ियाँसंपादित करें