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रइधू, १४वीं-१५वीं सदी ईस्वी के अपभ्रंश के कवि थे। वे जैन धर्म के अनुयायी थे।

कृतियाँसंपादित करें

मेहेसर चरिउ, सिरिवाल चरिउ, बलहद्द चरिउ, सुक्कोसल चरिउ, धण्णकुमार चरिउ, जसहर चरिउ, सम्मइजिण चरिउ, पउम चरिउ, सम्मत्त गुण णिहाण कव्व, वित्तसार, सिद्धंतत्थसारो इत्यादि ।

सन्दर्भसंपादित करें

बाहरी कड़ियाँसंपादित करें