रघुनाथ शाह 17वी शताब्दी के नागवंशी राजा थे। उनकी राजधानी नवरतनगड़ में थी। वे नागपुरी भाषा के प्रख्यात कवि थे। उन्होंने कई मन्दिरों का निर्माण कराया था। जगन्नाथ मंदिर 1682 में बना। ईसी समय बोड़ेया में "मदन मोहन मन्दिर" का निर्माण हुआ। चुटिया में रघुनाथ शाह के सहयोग में ब्रम्हाचारि ने "सिताराम मन्दिर" का निर्माण कराया।[1][2][3][4]

रघुनाथ शाह
राजा
शासनावधि1665-1706
पूर्ववर्तीराम शाह
उत्तरवर्तीयदुनाथ शाह

उनके शसन के दौरान मेदिनी राय ने (नवरतनगड़)डोइसा पर आक्रमण किया था।[5]

सन्दर्भसंपादित करें

  1. "Jharkhand Samanya Gyan". books.google.co.in. मूल से 30 मार्च 2019 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 13 मार्च 2019.
  2. "CHOTA-NAGPUR (Zamindari)". members.iinet.net.au. मूल से 5 मई 2019 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 17 मार्च 2019.
  3. "Giant new chapter for Nagpuri poetry". www.telegraphindia.com. मूल से 30 मार्च 2019 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 13 मार्च 2019.
  4. "Jharkhand Samanya Gyan". books.google.co.in.
  5. "The Nagbanshis And The Cheros". archive.org.