रमेश चंद्र शाह

भारतीय कवि

रमेश चंद्र शाह हिन्दी उपन्यासकार, नाटककार, निबंधकार तथा कुशल समालोचक हैं।

रमेश चंद्र शाह

रचनाएँसंपादित करें

उपन्याससंपादित करें

गोबरगणेश, किस्सा गुलाम, पूर्वापर, आखिरी दिन, पुनर्वास तथा आप कहीं नहीं रहते विभूति बाबू

कहानी संग्रहसंपादित करें

जंगल में आग, मुहल्ले का रावण, मानपत्र, थिएटर, प्रतिनिधि कहानियां (राजकमल पेपरबैक)

कविता-संग्रहसंपादित करें

कछुए की पीठ पर, हरिश्चंद्र आओ, नदी भागती आई, प्यारे मुचकुंद को, देखते हैं शब्द भी अपना समय, चाक पर समय (प्रतिनिधि कविताओं का संचयन, वाग्देवी पाकेट बुक्स)

निबंध संग्रहसंपादित करें

रचना के बदले, शैतान के बहाने, आडू का पेड़, पढते-पढते, स्वधर्म और कालगति तथा हिंदी की दुनिया में

यात्रा-संस्मरणसंपादित करें

एक लंबी छांह

साक्षात्कारसंपादित करें

मेरे साक्षात्कार

समालोचनासंपादित करें

छायावाद की प्रासंगिकता, समानांतर, सबद निरंतर, वागर्थ, भूलने के विरुद्ध, वागर्थ का वैभव, जयशंकर प्रसाद, आलोचना का पक्ष, समय संवादी

नाटकसंपादित करें

मारा जाई खुसरो, मटियाबुर्ज

अनुवादसंपादित करें

छंद और पक्षी (कैथलीन रैन की कविताओं का हिंदी रूपांतर) अंगरेज़ी में

सम्मानसंपादित करें

शिखर सम्मान, भारतीय परिषद् एवं मध्य प्रदेश साहित्य परिषद् से पुरस्कृत, महावीर प्रसाद द्विवेदी पुरस्कार, व्यास सम्मान