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राजाराम शुक्ल का जन्म वाराणसी के रामनगर में ०६ जून १९६६ को हुआ[1]। वर्तमान समय में वे बीएचयू के वैदिक दर्शन विभाग, संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय के प्रोफेसर के रूप में कार्यरत हैं। हाल ही में उन्हें राज्यपाल एवं संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी के कुलाधिपति राम नाईक द्वारा संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय का कुलपति बनाया गया है[2][3][4][5]। प्रो. राजाराम संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में अनुसंधान संस्थान के निदेशक के पद पर आठ साल तक कार्य कर चुके हैं। उन्होंने यूजीसी की कई बृहद शोध परियोजनाओं में समय-समय पर प्रिंसिपल इन्वेस्टिगेटर के तौर पर कार्य किया है[6]। हाल में ही उन्हें राज्यपाल, उत्तरप्रदेश द्वारा संस्कृत भाषा के लिए अतुलनीय योगदान के लिए विशिष्ट पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।[7] सन २००२ में उन्हें बादरायण पुरस्कार (राष्ट्रपति पुरस्कार) से सम्मानित किया गया था।

  1. "National Assessment and Accreditation Council" (PDF). National Assessment and Accreditation Council (अंग्रेज़ी में). अभिगमन तिथि २९ मई २०१८.
  2. डेस्क, न्यूज़ (२० मई २०१८). "प्रो. राजाराम शुक्ल बने संपूर्णानंद संस्कृत विवि के कुलपति". अमर उजाला. अभिगमन तिथि २९ मई २०१८.
  3. शर्मा, रामबाबू (२१ मई २०१८). "उत्तर प्रदेश: प्रो. राजाराम शुक्ल संपूर्णानंद संस्कृत विवि के कुलपति बने". समाचारनामा. अभिगमन तिथि २९ मई २०१८.
  4. "बीएचयू के प्रो. राजाराम शुक्ल बने संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति". हिंदुस्तान. २० मई २०१८. अभिगमन तिथि २९ मई २०१८.
  5. शुक्ल, आशीष (१९ मई २०१८). "https://www.patrika.com/varanasi-news/rajaram-shukla-appointed-new-vc-of-sampurnananda-sanskrit-university-2825563/". पत्रिका. अभिगमन तिथि २९ मई २०१८. |title= में बाहरी कड़ी (मदद)
  6. डेस्क, न्यूज़ (२० मई २०१८). "प्रो. राजाराम शुक्ल बने संपूर्णानंद संस्कृत विवि के कुलपति". अमर उजाला. अभिगमन तिथि २९ मई २०१८.
  7. लखनऊ, हिंदुस्तान टीम (७ फ़रबरी २०१८). "इन्हें भी मिले संस्कृत संस्थान के पुरस्कार". हिंदुस्तान. अभिगमन तिथि २९ मई २०१८. |date= में तिथि प्राचल का मान जाँचें (मदद)
राजाराम शुक्ल