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राधाकान्त देव (1784-1867) अनेक भाषाओं के विद्वान, हिन्दू संस्कृति के संरक्षण के पक्षधर एवं विचारक थे। उन्होने 'शब्दकल्पद्रुम' नामक संस्कृत के आधुनिक महाशब्दकोश की रचना की।

श्री राधाकान्त देव गोपीमोहन देव के पुत्र थे जो महाराजा नवकृष्ण देव के दत्तक पुत्र एवं उत्तराधिकारी थे। १८३० में इन्होने 'धर्मसभा' नामक संस्था चलायी जो अन्य कार्यों के अलावा पश्चिमोन्मुखी विचारों का विरोधी था। इस सभा ने सती प्रथा के समर्थन में अपना विचार रखा जबकि राजा राममोहन राय आदि ने इसके उन्मूलन के पक्षधर थे।Stri siksha ke virodhi thee