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रफ़ाल सौदा विवाद [1] (Rafale Deal Controversy)[2] भारत में लड़ाकू विमान खरीदने को लेकर एक राजनीतिक विवाद है.[3] भारत के रक्षा मंत्रालय ने फ्रांस के डसॉल्ट राफेल से ३६ लड़ाकू विमान ख़रीदे है जिसका अनुमानित मूल्य Rs 58,000 करोड़ हो सकता है।

एक डेसॉल्ट राफले बी फ्रांसीसी वायुसेना 2009 में

पृष्ठभूमिसंपादित करें

31 जनवरी 2012 को, भारतीय रक्षा मंत्रालय ने घोषणा की कि डसॉल्ट राफेल भारतीय वायु सेना को 126 एयरक्राफ्ट की आपूर्ति करेगा इसके अथवा ६३ अतिरिक्त विमानों खरीदने का विकल्प देगा| पहले 18 विमानों को डसॉल्ट राफेल द्वारा आपूर्ति की जानी थी और शेष 108 विमानों का निर्माण हिन्दुस्तान ऐरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) द्वारा किया जाना था डेसॉल्ट से प्रौद्योगिकी के हस्तांतरण के साथ। डसॉल्ट राफेल को सबसे कम बोली लगाने वाले के आधार पे में चुना गया था|

संदर्भसंपादित करें