महत्वपूर्ण तथ्य

  1. कॉपर का उपयोग बिजली के तारों को बनाने में किया जाता है।
  2. आयरन का उपयोग, खाना बनाने के बर्तनों और दरवाजों की कुंडियो को बनाने में किया जाता है।
  3. गोल्ड और सिल्वर का उपयोग, आभूषण बनाने में किया जाता है।
  4. मर्करी का उपयोग, थर्मोमीटर बनाने में किया जाता है।
  5. धातुओं को पोलिश किया जा सकता है। ये आघात वर्धी तथा तन्य होती है।
              [धातुओं के गुण धर्म]
  1. धातुएं इलेक्ट्रॉन को त्यागकर घनायन बनाने की प्रवृति रखती हैं।
  2. उनके संयोजकता कोश में एक दो अथवा तीन इलेक्ट्रॉन होते है।
  3. धातु के परमाणु द्वारा त्यागे गए इलेक्ट्रान की संख्या को संयोजकता कहलाती हैं।
  4. धातुओं के कुछ उदाहरण- सोना, चांदी, कॉपर,लोहा आदि।
            [भौतिक अवस्था]
  1. अधिकांश धातुएं सामान्य दाब एवं ताप पर ठोस होती है।
  2. कमरे के ताप पर केवल पर ही एक ऐसी धातु है जो द्रव होती है।
  3. अधिकांश धातुएं जैसे, आयरन,कॉपर,अथवा जिंक कठोर होती है, परंतु सोडियम,पोटेशियम जैसी कुछ धातुएं नरम होती है जिन्हे चाकू से आसानी से काटा जा सकता है।
  4. लिथियम, पोटेशियम अथवा सोडियम का घनत्व जल के घनत्व से कम होता है।
  5. धातु की सतह चमकदार होती है ,धातु की इस गुण धर्म को धात्विक चमक कहते है।

उदाहरण-: गोल्ड की सतह पीली होती हैं।

       कॉपर की सतह भूरी होती हैं।
  1. धातुओं को जब किसी वस्तु से टकराया जाता है तो एक निनाद ध्वनि उत्पन्न होती है जिसे धवानिकता कहते है।
  2. गैलियम और सीजियम का गलनांक बहुत कम होता है।
  3. सोडियम तथा पोटैशियम के अलावा,धातुओं का गालनांक अथवा क्वाथनंक अधिक होता है।

वैसे प्लेटफार्म का उपर से बन्द होना आवश्यक नहीं है क्योंकि कुछ स्टेशनों पर बने प्लेटफार्म केवल चबुतरा बनाकर भी निर्मित किए जाते हैं। लेकिन सामान्य रूप से देखा जाए तो प्रत्येक प्लेटफार्म पर धुप व बारिस से बचने की कुछ व्यवस्था जरूर होती है। अतः सामान्य रूप से प्लेटफार्म की ऊँचाई रेलगाडी की उँचाई से अधिक रखी जाती है।

बाहरी कड़ियाँ

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  • "Emplacementstekeningen NS". www.sporenplan.nl (डच में). मूल से 16 जुलाई 2012 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 23 फ़रवरी 2013. Schematic maps of all tracks, junctionsswitches and platforms in the Netherlands (point at an area and open detail map in a new window)
  • "Train Station Page". www.railway-technical.com. Railway Technical Web Pages. Platforms. मूल से 9 जून 2007 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 23 फ़रवरी 2013. (UK-centric information)