लगध ऋषि वैदिक ज्योतिषशास्त्र की पुस्तक वेदांग ज्योतिष के प्रणेता है। इनका काल १३५० ई पू माना जाता है। इस ग्रन्थ का उपयोग करके वैदिक यज्ञों के अनुष्ठान का समय निश्चित किया जाता था। इसे भारत में गणितीय खगोलशास्त्र पर आद्य कार्य माना जाता है। लगध ऋषि का एक प्रमुख नवोन्मेष तिथि (महीने का १/३०) का एक मानक समय मात्रक के रूप में का प्रयोग है। इन्होंने ऋग्वेद से सम्बन्धित आर्य ज्योतिष तथा यजुर्वेद से सम्बन्धित यजुष ज्योतिष की भी रचना की।

सन्दर्भसंपादित करें

  • T. S. Kuppanna Sastry, Vedanga Jyotisa of Lagadha. Indian National Science Academy, New Delhi, 1985.


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