लघुपाराशरी संस्कृत श्लोकों में रचित लघु ग्रन्थ है। इसे 'जातकचन्द्रिका' भी कहते हैं। यह विंशोत्तरी दशा पद्धति का महत्वपूर्ण ग्रन्थ है तथा वृहद् पाराशर होराशास्त्र पर आधारित है। इसके रचनाकार के बारे में ठीक-ठीक पता नहीं है किन्तु माना जाता है कि पाराशर के अनुयायियों ने इसकी रचना की।

लघुपाराशरी में ४२ श्लोक हैं जो पाँच अध्यायों में विभक्त हैं।

  • संज्ञाध्याय
  • योगाध्याय
  • आयुर्दायाध्याय
  • दशाफलाध्याय
  • शुभाशुभग्रहकथनाध्याय

बाहरी कड़ियाँसंपादित करें