लाला श्रीनिवास दास (1850-1907) हिंदी के उपन्यासकार और नाटककार थे। 25 नवम्बर 1882 को प्रकाशित उनके उपन्यास परीक्षा गुरू को रामचंद्र शुक्ल ने अंग्रेजी ढंग का हिंदी का पहला मौलिक उपन्यास कहा है। वे मथुरा के निवासी थे और हिंदी, उर्दू, संस्कृत, फारसी और अंग्रेजी के अच्छे ज्ञाता थे।

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