प्राचीन नेपाल में, लिच्छवि नामक एक अधिराज्य था, जो काठमांडू घाटी में था लगभग 400 से 750 ई० में। लिच्छवी वर्तमान भारत के उत्तरी बिहार के प्राचीन वैशाली नगर से थें जिन्होंने काठमांडू पर आक्रमण कर विजय प्राप्त कर ली थी।[1]

शिलालेखों पर लिच्छवियों कि लिपि संस्कृत थी और गुप्त लिपि लगभग आधिकारिक लिपि थी, जो बताता है कि मध्य भारत के अन्य प्रमुख अधिराज्य से लेकर दक्षिण तक इसका महत्वपूर्ण सांस्कृतिक प्रभाव था। यह संभवतः मिथिला क्षेत्र से (जो वर्तमान में मुख्यतः भारत मे स्थित है और जिसका छोटा भाग नेपाल में है) होते हुए गया होगा। कुछ लिच्छवी शिलालेखों पर गुप्त वर्णों के क्रमागत उन्नति के प्रयोग कि एक सारणी जिसे तैयार किया है गौतमावज्र वज्राचार्य जी ने आप ऑनलाइन देख सकते हैं।[2]

इन्हें भी देखेंसंपादित करें

  • लिच्छवी प्राचीन उत्तर बिहार का एक राजवंश।

सन्दर्भसंपादित करें

  1. "संग्रहीत प्रति". मूल से 2 अप्रैल 2017 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 24 जुलाई 2017.
  2. "Gautamavajra Vajrācārya, "Recently Discovered Inscriptions of Licchavi Nepal", Kathmandu Kailash - Journal of Himalayan Studies. Volume 1, Number 2, 1973. (pp. 117-134)". मूल से 27 सितंबर 2008 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 24 जुलाई 2017.