लौह-हाइड्रोजन प्रतिरोध (iron-hydrogen resistor) एक प्रतिरोध है जिसका मान ताप बढने पर बढ़ता है। यह लोहे का एक तार से निर्मित होता है जो हाइड्रोजन से भरे कांच के बल्ब में फिट किया होता है। इसका ताप गुणांक धनात्मक होता है, जिसका अर्थ है कि ताप बढ़ने पर प्रतिरोध भी बढ़ता है। अपने इस गुण के कारण इसका उपयोग पॉवर सप्लाई के वोल्टेज को अपरिवर्ती बनाये रखने के लिये (stabilizing) किया जाता है। प्रायः इसे बैरेट्टर (barretter) भी कहते हैं क्योंकि यह बैरेटर जैसा दिखता है जो रेडियो संकेतों के डिटेक्शन में काम आता है। आधुनिक काल में प्रयुक्त धारा स्रोत इसकी सन्तान है।

लौह-हाइड्रोजन प्रतिरोध