वसंत पुरुषोत्तम काले (मराठी: वसंत पुरुषोत्तम काळे), इन्हें मराठी साहित्य जगत में लोकप्रिय रूप से व पु नाम से जाना जाता है , वे एक मराठी लेखक थे जिनकी प्रमुख रचनाएँ है- लघु कथाएँ, उपन्यास, जीवनी रेखाचित्र।[1] इनकी लेखक के रूप में 60 से अधिक पुस्तकें प्रकाशित है। उनकी प्रसिद्ध पुस्तकों में शामिल है साथी, वपुर्झा, ही वाट एकटीची , और ठीकरी। वे पेशे से एक वास्तुकार थे।

वसंत पुरुषोत्तम काले
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वसंत पुरुषोत्तम काले
जन्म 25 मार्च 1932
महाराष्ट्र
मृत्यु 26 जून 2001
राष्ट्रीयता Indian
व्यवसाय Writer, Architect
धार्मिक मान्यता Hindu

उनकी मृत्यु 27 जून 2001 को हृदयाघात से मुंबई में अपने घर पर हुई।[2]

प्रकाशित साहित्यसंपादित करें


साहित्यकृती का नाम प्रकाशनवर्ष (इ.स.) साहित्यप्रकार प्रकाशक
आपण सारे अर्जुन वैचारिक
इन्टिमेट कथासंग्रह
ऐक सखे कथासंग्रह
कथा कथनाची कथा ललित
कर्मचारी कथासंग्रह
का रे भुललासी कथासंग्रह
काही खरं काही खोटं कथासंग्रह
गुलमोहर कथासंग्रह
गोष्ट हातातली होती! कथासंग्रह
घर हलवलेली माणसे कथासंग्रह
चिअर्स व्यक्तिचित्र
झोपाळा कथासंग्रह
ठिकरी कादंबरी
तप्तपदी कथासंग्रह
तू भ्रमत आहासी वाया कादंबरी
दुनिया तुला विसरेल ललित
दोस्त कथासंग्रह
निमित्त ललित
पाणपोई ललित
पार्टनर कादंबरी
प्रेममयी ललित(?)
प्लेझर बाँक्स भाग १ आणि २ पत्रसंग्रह
फॅन्टसी - एक प्रेयसी ललित
बाई, बायको आणि कॅलेंड‍र कथासंग्रह
भुलभुलैय्या कथासंग्रह
महोत्सव कथासंग्रह
माझं माझ्यापाशी? ललित
माणसं व्यक्तिचित्र
मायाबाजार कथासंग्रह
मी माणूस शोधतोय कथासंग्रह
मोडेन पण वाकणार नाही कथासंग्रह
रंगपंचमी ललित
रंग मनाचे कथासंग्रह
लोंबकळणारी माणसं कथासंग्रह
वन फॉर द रोड कथासंग्रह
वलय कथासंग्रह
वपु ८५ कथासंग्रह
वपुर्झा ललित
वपुर्वाई कथासंग्रह
सखी कथासंग्रह
संवादिनी कथासंग्रह
स्वर कथासंग्रह
सांगे वडिलांची कीर्ती व्यक्तिचित्र
ही वाट एकटीची कादंबरी
हुंकार कथासंग्रह
तप्तपदी कादंबरी(?)

सन्दर्भसंपादित करें

  1. "People". Data India. Press Trust of India: 588. OCLC 1797778. आइ॰एस॰एस॰एन॰ 0377-6832.
  2. "Marathi litterateur V P Kale passes away". Mid-Day. 2001-06-27. मूल से 2 अप्रैल 2015 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 23 March 2015.

बाहरी कड़ियाँसंपादित करें