बादरायण ब्रह्मसूत्र के रचयिता हैं। इन्होने वेदों का वर्गीकरण किया अतः उन्हें 'वेदव्यास' भी कहते हैं। कृष्ण वर्ण (काले रंग) तथा द्वीप पर वास करने के कारण इन्हें 'कृष्णद्वैपायन' भी कहते हैं।

अचतुर्वेदनोब्रह्मा द्विबाहुरपरो हरिः।
अभाललोचनश्शम्भुः भगवान बादरायणः ॥

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