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भारत में ग्रामीण स्तर को विकसित करने के लिए अनेक कार्यकर्मो को एक आन्दोलन का स्वरुप दिया गया उन में से एक है, हरित क्रांति (green revolution) . भारत में 1964-65 से कृषि क्षेत्र में तकनीकी विधाओ का प्रयोग तेजी से होने लगा। इस आन्दोलन ने ग्रामीण समाज को विकसित वातावारण बनाने में काफी हद तक मदद मीली। इस आंदोलन के अंतर्गत उन्नत बीजों का प्रयोग , सिचाई के उन्नत साधनों का व्योवाहार में लाना, रासायानिक उर्वरककों - खादों तथा कीटनाशक दावाओ का प्रयोग प्रमूख था।

भारत में स्वतंत्त्रता प्राप्ति के बाद ग्रामीण विकाश के लिय अनेक कार्यक्रम चलाये गए। भारत चुकी कृषि प्रधान देश है , यहाँ ग्रामीण अर्थ्वयास्था मुख्य रूप से कृषि पर निर्भर हैं।भारत के प्रथम प्राधानमंत्री स्वर्गीय ज़वाहर लाल नेहरु ने