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{{वार्ता शीर्षक}}{{वार्ता शीर्षक}}==दशरूप नाट्यपरम्परा==
 
अभिनेय काव्य को रूप अथवा रूपक कहते हैं। "रूप्यते नाट्यते इति रूपम्; रूपामेव रूपकम्" - इस व्युत्पत्ति के अनुसार दृश्य काव्यों की सामान्य संज्ञा "रूप" या "रूपक" है। रूपक दो प्रकार के होते हैं :
"https://hi.wikipedia.org/wiki/दशरूप" से प्राप्त