"बलोच भाषा और साहित्य" के अवतरणों में अंतर

सम्पादन सारांश रहित
'''बलोची''' ({{Nastaliq|ur|بلوچی}}) दक्षिणपश्चिमी [[पाकिस्तान]], पूर्वी [[ईरान]] और दक्षिणी [[अफ़्ग़ानिस्तान]] में बसने वाले [[बलोच लोगों]] की भाषा है। यह [[ईरानी भाषा परिवार]] की सदस्य है और इसमें प्राचीन [[अवस्तईअवस्ताई भाषा]] की झलक नज़र आती है, जो स्वयं [[वैदिक संस्कृत]] के बहुत करीब मानी जाती है। उत्तरपश्चिम ईरान, पूर्वी [[तुर्की]] और उत्तर [[इराक़]] में बोले जानी कुर्दी भाषा से भी बलोची भाषा की कुछ समानताएँ हैं। इसे पाकिस्तान की नौ सरकारी भाषाओँ में से एक होने का दर्जा प्राप्त है। अनुमान लगाया जाता है के इसे पूरे विश्व में लगभग ८० लाख लोग मातृभाषा के रूप में बोलते हैं।
 
पाकिस्तान में इसे अधिकतर [[बलोचिस्तानबलूचिस्तान (पाकिस्तान)|बलोचिस्तान]] प्रान्त में बोला जाता है, लेकिन कुछ [[सिंध]] और [[पंजाब (पाकिस्तान)|पंजाब]] में बसे हुए बलोच लोग भी इसे उन प्रान्तों में बोलते हैं। ईरान में इसे अधिकतर [[सिस्तान व बलुचेस्तान]] प्रान्त में बोला जाता है। [[ओमान]] में बसे हुए बहुत से बलोच लोग भी इसे बोलते हैं। समय के साथ बलोची पर बहुत सी अन्य भाषाओँ का भी प्रभाव पड़ा है, जैसे की [[हिन्दी]]-[[उर्दू]] और [[अरबी]]। पाकिस्तान में बलोची की दो प्रमुख शाखाएँ हैं: मकरानी (जो बलोचिस्तान से दक्षिणी [[अरब सागर]] के तटीय इलाक़ों में बोली जाती है) और सुलेमानी (जो मध्य और उत्तरी बलोचिस्तान के सुलेमान शृंखला के पहाड़ी इलाक़ों में बोली जाती है)।<ref name="ref21xiqah">{{cite web | title=Balochi language and literature | author=Anwar Rooman, Institute of Writing & Research (Balochistān, Pakistan) | publisher=Institute of Writing &amp; Research Balochistan, 2005 | isbn= | url=http://books.google.com/books?id=1-9jAAAAMAAJ}}</ref> ईरान के बलुचेस्तान व सिस्तान सूबे में भी इसकी दो उपशाखाएँ हैं: दक्षिण में बोले जानी वाली मकरानी (जो पाकिस्तान के बलोचिस्तान की मकरानी से मिलती है) और उत्तर में बोले जानी वाली रख़शानी।
 
== साहित्य ==