मुख्य मेनू खोलें

बदलाव

1,349 बैट्स् जोड़े गए ,  11 वर्ष पहले
सम्पादन सारांश रहित
footnotes = |
}}
बठिंडा पंजाब का एक बहुत ही पुराना और महत्वपूर्ण शहर है । यह मालवा इलाके में स्थित है । बठिंडा के ही जंगलों में कहा जाता है की गुरु गोविंद सिंह जी ने चुमक्का नामन ताकतों को ललकारा था और उन से लडे थे । बठिंडा का आजादी की लडाई में भी महत्वपूर्ण योगदान था । इस में एक खास किला है 'किला मुबारक' ।
'''Bathinda'''([[Punjabi]]: ਬਠਿੰਡਾ) is one of the oldest and most famous cities of the [[Punjab, India|Punjab]] state of north-western [[India]]. It is relatively a small city as compared to other cities of Punjab or India. It is situated in [[Malwa (Punjab)]] Region. It was in the [[jungle]]s of Bathinda that [[Guru Gobind Singh Ji]] is reputed to have once challenged and fought the mighty [[chumacca]] forces. Bathinda also had a prominent role in the nation's struggle of freedom against the [[British Raj|British rule]] and the autocratic administration of princely rulers. A prominent landmark is [[Qila Mubarak|Qila Mubarak fort]].
 
बठिंडा बहुत तेजी से इन्डस्ट्रीस से भर रहा है । हाल ही में बने पलाँटों में थर्मल पावर पलाँट, फर्टलाईजर फैकटरी और एक बडी औयल (तेल) रिफाईनरी हैं ।बठिंडा नौर्थ भारत की सबसे बडी अनाज के बजारों में से है और बठिंडा के आस पास के इलाके अंगूर की खेती में बढ रहे हैं । बठींडा एक बहुत बडा रेल जंकशन भी है। पैपसी यहां उपजाऊ आनाज को परोसैस करती है ।
Bathinda is undergoing rapid industrialization: among recently developed features are a modern [[thermal power plant]], [[fertilizer]] factories, and a large [[oil refinery]]<ref>http://www.indianetzone.com/6/bathinda.htm</ref>. Bathinda is one of the biggest food grain and [[cotton]] markets in [[northern India]], and the area around Bathinda has become a large grape growing area.{{Specify|date=February 2007}} Bathinda is also a leading [[railway junction]] and the administrative headquarters of [[Bathinda District]]. The [[American International]] firm [[Pepsi]] processes horticultural products grown in Bathinda.
 
It is wrong to say that there is any pepsi plant in Bhatinda.
==History==
===Prehistoric Bathinda===
 
===Birth of modern Bathinda===
ये माना जाता है की राओ भट्टी में बठिंडा शहर को लखी जंगल में तीसरी सदी में स्थापित किया था । फिर इस शहर को बरारों नें हडप लिया था । बाल राओ भट्टी नें फिर इसे ९६५ में हासिल किया और तब इसका नाम बठिंडा पडा (उन्हीं के नाम पर) । यह राजा जयपाल की राजधानी भी रही है ।
It is believed that [[Rao Bhatti]] established the modern town of Bathinda in the [[Lakhi jungle]] area in the third century, and it was captured from him by the Brars. [[Rao Bhatti|Bala Rao Bhatti]] inhabited the city in 965, naming it Bhatinda after his caste name. The city also remained the capital of Raja Jaipal.
 
In 1004, [[Mahmud of Ghazni]] besieged the local fort, which was located on the route from the northwest into the rich [[Ganges]] valley. In 1189, [[Muhammad Ghori]] attacked and occupied the fort of Bathinda. [[Prithvi Raj Chauhan]], the ruler of this region, managed to recover possession of the fort thirteen months later in 1191 after a fierce battle.
 
१००४ में घज़नी के महमूद नें इसका किला छीन लिया । फिर मुहमद घोरी नें हमला किया और बठिंडा का किला छीन लिया । फिर प्रिथवी राज चौहान नें १३ महीनों के बाद तगडी लडाई के पश्चात इसे फिर से जीता ।
[[Razia Sultan]], the first female ruler of India, was imprisoned at Bathinda in April, 1240. She was released in August of that year through the efforts of Altunia, the local governor. Both Altunia and Razia married but were killed by robbers near [[Kaithal]] on [[October 13]].
 
रजिया सुलतान, भारत की पहली महिला शासक बठिंडा में ऐपरिल १२४० में कैद की गई थी । उसे अलतुनिया की कोशिशों द्वारा औगस्त में (उसी साल में) वहाँ से छुडा लिया गया । रजिया और अलतुनिया की शादी हुई लेकिन वे कैठल के पास चोरों द्वारा १३ औकटूबर को मारे गये ।
 
सिद्धू बरारों को लोदी के शासन में बठिंडा से निकाल दिया गया था लेकिन बाबुर के शासन में वापिस स्थान दे दिया गया था । कुछ सालों बाद, रूप चन्द नाम के सिख्ख पंजाब के इतिहास में आये । रूप चंद जी के लडके फूल नें लंगर की प्रथा चलाई और १६५४ के आस पास एक किला बनाया ।
 
 
The [[Sidhu]]-Brars were thrown out of Bathinda during the [[Lodhi]]'s rule, but were restored to the area by [[Babur]]. A few years later, Roop Chand, a staunch [[Sikh]], came onto the scene of Punjab history. Phul, the second son of Roop Chand, started the practice of ''[[langar]]'' (community kitchen) for the people in the [[Lakhi jungle]] area and built a fort around 1654.
 
===The story of Bhai Roop Chand ji===
बेनामी उपयोगकर्ता