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[[File:Bishop-Thomas-in-white-chasuble.jpg|thumb|220px|"बिशप" नामक उच्च पद पर नियुक्त एक कैथोलिक पादरी]]
[[File:Zusters in Sevilla.JPG|thumb|220px|[[स्पेन]] में चलती दो ननें]]
'''कैथोलिक धर्म''' या '''रोमन कैथोलिक धर्म''' [[ईसाई धर्म]] की एक मुख्य शाखा है जिसके अनुयायी [[रोम]] के [[वैटिकन नगर]] में स्थित [[पोप]] को अपना धर्माध्यक्ष मानते हैं। ईसाई धर्म की दूसरी मुख्य शाखा [[प्रोटेस्टैंट]] कहलाती है और उसके अनुयायी पोप के धार्मिक नेतृत्व को नहीं स्वीकारते। कैथोलिकों और प्रोटेस्टैंटों की धार्मिक मान्यताओं में और भी बड़े अंतर हैं।
 
 
==मान्यताएँ और रीति-रिवाज==
कैथोलिक मानते हैं कि उनका धार्मिक संगठन आरंभिक ईसाई संगठन के रिवायत को जारी रखता है और उसका एकमात्र वारिस है। वे मानते हैं कि उनकी प्रार्थना रीतियों में जो रोटी और मदिरा का पान किया जाता है वह धार्मिक अर्थ में [[ईसा मसीह]] का मास और रक्त बन जाते हैं जिन्हें प्रार्थना करने वाले ग्रहण करते हैं।<ref name="ref07didaf">{{cite web | title=Catholic Mass for Dummies | author=John Trigilio, Jr., Rev. Kenneth Brighenti, James Cafone | publisher=John Wiley and Sons, 2011 | isbn=9780470767863 | url=http://books.google.com/books?id=Ae5eHJWtkvsC | quote=''... Christ himself bore witness to the reality of this unity when he said: He who eats my flesh and drinks my blood lives in me and I in him ...''}}</ref> प्रोटेस्टैंटों की रीतियों में ऐसा नहीं होता। कैथोलिक पोप को ईसाई धर्म का पृथ्वी पर परम अध्यक्ष मानते हैं जो कि प्रोटेस्टैंट नहीं मानते।<ref name="ref41vuroy">{{cite web | title=What Is Catholicism?: Hard Questions-Straight Answers | author=John Redford | publisher=Our Sunday Visitor Publishing, 1999 | isbn=9780879735876 | url=http://books.google.com/books?id=r8ci6kOxuS0C | quote=''... the doctrine of papal infallibility ...''}}</ref> इस धार्मिक संगठन में हर पादरी के ऊपर एक उस से उच्च कोटि का पादरी होता है और अंत में सभी के ऊपर पोप होता है। कैथोलिक मत में पादरियों को विवाह करने की अनुमति नहीं है और उन्हें आजीवन ब्रह्मचर्य का पालन करना होता है। कुछ स्त्रियाँ भी अपना जीवन धर्म के नाम कर देती हैं और आजीवन कुँवारी रहती हैं। इन्हें "नन" (nun) कहा जाता है। जब यह नन बनाने की शपथ लेतीं हैं तो एक औपचारिक समारोह विवाह के वस्त्र धारण किए इनका "ईसा से विवाह" रचाया जाता है।<ref name="ref56zuyil">{{cite web | title=Sisters in arms: Catholic nuns through two millennia | author=Jo Ann McNamara | publisher=Harvard University Press, 1996 | isbn=9780674809840 | url=http://books.google.com/books?id=gMk_ZujVEjUC | quote=''... The prospective nun's male guardian gave her away. She was married to Christ with ring and crown. She was interrogated and her oath confirmed, and finally she proceeded in her new habit to the altar carrying a lighted candle ...''}}</ref> कैथोलिक संगठनों द्वारा चलाये गए पाठशालाओं में अक्सर यही ननें अध्यापिकाएँ हुआ करती हैं।
 
कैथोलिक धर्म में कुछ भक्तों को औपचारिक रूप से संतों का दर्जा दिया जाता है और कैथोलिकों को अनुमति है कि वे इनकी पूजा कर सकें।<ref name="ref79cavuf">{{cite web | title=Catholics, Non-Catholics and Non-Catholic Catholics | author=Constantine C. Kliora | publisher=Xlibris Corporation, 2009 | isbn=9781441596543 | url=http://books.google.com/books?id=BdXFiuAwPEQC | quote=''... The Canonization process allows and encourages the veneration of and prayer to a particular individual saint ... allowing us to pray to these saints and by making them part of the prayers of the Church and of Catholic Liturgy ...''}}</ref> बहुत से कैथोलिक देशों में किसी स्थानीय कैथोलिक संत को बहुत मान्य समझा जाता है, जैसे की [[आयरलैंड]] में "संत पैट्रिक" (Saint Patrick) को और [[पोलैंड]] में "संत स्तानिस्लाउस" (Stanislaus) को। इन्हें उन राष्ट्रों का "पालक संत" (patron saint, पेट्रन सेंट) कहा जाता है। कैथोलिक विश्वास में मरियम (जो ईसा की माता थीं) को बहुत ही पूजनीय संत माना जाता है। कैथोलिक स्त्रियों में "मेरी", "मारिया" और "मरियम" जैसे नाम आम हैं और कैथोलिक विद्यालयों में "सेंट मेरी" जैसे नाम भी अक्सर देखे जाते हैं। "आवे मारिया" (Ave Maria, अर्थ: "मारिया को नमन") नाम का [[लातिनी भाषा]] का स्तुति-गान कैथोलिक समुदायों में काफ़ी लोकप्रीय है। कैथोलिक नज़रिए में ऐसे धार्मिक हस्तियों को करी पूजा ईश्वर को प्राप्त होती हैं और इस से धर्म आम जनता के समीप आता है। प्रोटेस्टैंट दृष्टिकोण इस से विपरीत है और उसमें अक्सर संत-प्रथा को [[यूरोप]] की प्राचीन ग़ैर-ईसाई रिवाजों का एक छुपा रूप माना जाता है जिसमें बहुत से देवी-देवताओं हुआ करते थे।<ref name="ref41codiv">{{cite web | title=The Baptist quarterly, Volume 6 | author=American Baptist Publication Society | publisher=American Baptist Publication Society, 1872 | isbn= | url=http://books.google.com/books?id=hJNLAAAAMAAJ | quote=''... in its worship of angels and saints and relics, and of the virgin Mary, has in itself a polytheistic element ...''}}</ref>