"पुरुषार्थ" के अवतरणों में अंतर

276 बैट्स् जोड़े गए ,  8 वर्ष पहले
सम्पादन सारांश रहित
{{आधार}}
[[हिन्दू धर्म]] में '''पुरुषार्थ''' से तात्पर्य मानव के लक्ष्य या उद्देश्य से है। पुरुषार्थ = पुरुष+अर्थ = अर्थात मानव को 'क्या' प्राप्त करने का प्रयत्न करना चाहिये। प्रायः मनुष्य के लिये [[वेद| वेदों]] में चार '''पुरुषार्थों''' का नाम लिया गया है - धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष ।
 
==बाहरी कड़ियाँ==
*[http://www.hindigaurav.com/index.php?option=com_content&view=article&id=646:2011-04-14-12-27-28&catid=17:2011-02-27-10-33-29&Itemid=19 चार पुरुषार्थ को जानें] (हिन्दी गौरव)
 
[[श्रेणी:धर्म]]