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'''दिष्ट धारा मोटर''' वह उपकरण है जो [[विद्युत उर्जा]] को यांत्रिक उर्जा में बदलता है| यह [[मोटर]] वहां भी इस्तेमाल होता है जहां कम उर्जा की आवश्यकता होती है | यह कम शक्तिशाली होता है |यह मोटर सेल से भी काम करते हैं तथा उच्च छमता वाले मोटर कई सेलों से भी काम कर सकते हैं|
 
== रचना ==
इस मोटर के निम्नलिखित भाग होते हैं
इस मोटर के दोनो तरफ असमान ध्रुव के चुम्बक लगा दिये जाते है| इसके मध्य एक आर्मेचर की धुरी के साथ एक पहिया लगा रहता है| तथा इसे एक सेल से जोड देते हैं| आर्मेचर आयताकार होता तथा धारा प्रवाहित करने के पूर्व आर्मेचर कि स्थिति निम्न होती है (माना)| सेल के धन सिरे को AB से जोड देते हैं तथा त्रण सिरे को D C से जोड देते हैं|
'''चुम्बक'''
यह विद्युत चुम्बक होता जो आर्मेचर किनारे लगा होता है |
'''आर्मेचर'''
यह तांबे के विद्युतरोधी तार की बनी कुंडली होती है |{{आधार}}
इस मोटर के दोनो तरफ असमान ध्रुव के विद्युत चुम्बक लगा दिये जाते है| इसके मध्य एक आर्मेचर की धुरी के साथ एक पहिया लगा रहता है| तथा इसे एक सेल से जोड देते हैं| आर्मेचर आयताकार होता तथा धारा प्रवाहित करने के पूर्व आर्मेचर कि स्थिति निम्न होती है (माना)| सेल के धन सिरे को ABA से जोड देते हैं तथा त्रण सिरे को D C से जोड देते हैं|
B C
[S N] [S N]
A D (आर्मेचर कि प्रारंभिक स्थिति)
इन सिरों को दो ब्रुश द्वारा ऐसे जोड देते हैं कि आर्मेचर के घूम जाने पर A-B सेल के धन सिरे से जिस प्रकार जुडा रहता है| D-C उसी प्रकार सेल के धन सिरे से जुड जाए तथा A-B सेल के ऋण सिरे से जुड जाए|
 
== कार्य विधि ==
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