"रोमन संख्यांक" के अवतरणों में अंतर

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रोमन अंको में शुन्य नहीं होता. इनमें बड़ी संख्याओं को लिखना बहुत तकलीफ़देह हो जाता है - एक तो उनमें बहुत से अक्षर हो जाते हैं और उन्हें समझने में भी वक़्त लगता है. क्योंकि भारतीय प्रणाली की स्थानीय मूल्य (प्लेस वैल्यू) की अवधारणा इनमें नहीं है, इसलिए रोमन अंकों में गणित करना बहुत ही मुश्किल है. जैसे-जैसे भारतीय अंक पहले [[मध्य पूर्व]] और फिर [[यूरोप]] में फैलने लगे, रोमन अंकों का प्रयोग केवल वर्गों-अध्यायों के नामों के लिए ही होने लगा और गणित में इनकी भूमिका ख़त्म हो गयी।
 
[[आईयूपीएसी]] के नये दिशानिर्देशों के अनुसार अब [[आवर्त सारणी]] के समूहों के नाम रोमन के बजाय [[हिन्दूभारतीय अंक|हिन्दू अंकों]] में लिखे जाते हैं।
 
== इन्हें भी देखें ==
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