"ओम शांति ओम": अवतरणों में अंतर

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ओमप्रकाश मखीजा ([[शाहरुख खान]]) 1970 के दशक में मुंबई फिल्म उद्योग में एक जूनियर कलाकार है। वह और उसका मित्र पप्पू ([[श्रेयस तळपदे]]) प्रमुख कलाकार बनने के लिये संघर्ष कर रहे हैं। ओम की मां , बेला मखीजा ([[किरन खेर]]) , अपने बेटे को प्रोत्साहित करती रहती है। ओम के दिल की धडकन है-- देश की सर्वाधिक लोकप्रिय फिल्म नायिका , शांतिप्रिया ([[दीपिका पादुकोण]])। ओमप्रकाश को शांतिप्रिया के निकट जाने के दो अवसर मिलते हैं। पहला फिल्म 'ड्रीमीगर्ल' के प्रीमियर पर , जहां ओम और पप्पू चालाकी से घुस जाते हैं। दूसरा फिल्म के सेट पर जहाँ ओम अपनी जान पर खेल कर शांति को आग से बचाता है। तब से ओम और शांति अच्छे दोस्त बन जाते हैं।
 
एक दिन ओम शीर्ष निर्माता मुकेश मेहरा ([[अर्जुन रामपाल]]) के साथ हो रहे शांति के विवाद को सुन लेता है। ओम को यह जानकर झटका लगता है कि शांति मुकेश से गुपचुप शादी कर चुकी है और गर्भवती है। मुकेश अड़ा है कि शांति के साथ अपने संबंधों को तबतक गुप्त रखेगा जबतक उन दोनों की नयी फिल्म 'ओम शांति ओम' पूरी नहीं हो जाती। शांति को यह शक है कि मुकेश एक धनी व्यवसायी की बेटी से विवाह की योजना बना रहा है। वह मुकेश से अपने अधिकारों की मांग करती है। सब सुनकर ओम का दिल टूट जाता है और वह शांति से दूर भागने लगता है।
 
एक रात , मुकेश शांति को 'ओम शांति ओम' फिल्म के सेट पर ले जाता है। वह कहता है कि वह फिल्म को बंद कर देगा और सारे समाज के सामने शांति से विवाह कर लेगा। किन्तु यह मुकेश की एक चाल निकलती है। वह शांति को अपनी वित्तीय हानि का कारण समझता है। इसलिये वह सेट को आग लगाकर शांति को वहां मरने के लिये छोड देता है। ओम शांति को बचाने का प्रयास करता है पर मुकेश के गार्ड उसे ऐसा करने नहीं देते। विस्फोट के कारण ओम वहां से दूर गिरता है और एक कार के नीचे आ जाता है। उस कार का मालिक राजेश कपूर ([[जावेद शेख]]) एक प्रसिद्ध अभिनेता है जो अपनी गर्भवती पत्नी लवली ([[आसावरी जोशी]]) को प्रसव के लिये अस्पताल ले जा रहा है। राजेश ओम को भी अस्पताल ले जाता है । लेकिन ओम की मृत्यु हो जाती है। कुछ पलों के बाद यह पता चलता है कि राजेश कपूर के बेटे का जन्म हुआ है।
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