"सेतु" के अवतरणों में अंतर

1,936 बैट्स् जोड़े गए ,  9 वर्ष पहले
सम्पादन सारांश रहित
[[Image:Pierre Pflimlin UC AdjAndCrop.jpg|thumb|left| पियेरर प्फ्लिमलिन सेतु ,एक कांटीलीवेर सेतु,निर्माण के दौरान]]
कांटीलीवेर सेतु कांटीलीवेर्स के प्रियोग से बनते है ये सेतु एक तरफ से कांटीलीवेर बीम से जुड़े होते है और दूसरा छोर बगेर किसी सपोर्ट के होता है ईन सेतुओ के अंदर भी बीम सेतुओ की जेसा निर्माण होता है लेकिन सेतु पर लगने वाले बल की दिशा अलग होती और ईन सेतुओ के अंदर लंबे स्पान प्रियोग किए जाते है| दुनिया का सबसे लंबा कांटीलीवेर सेतु क्वीबेक सेतु है जो की कनाड़ा मे है|ईस्की कुल लंबाई ५४९ मीटर है और ईस्के अंदर प्रियोग होने वाले स्पान की लंबाई ११७ मीटर है|
===आर्क सेतु===
आर्क सेतुओ के अंदर हर आर्क के बाद अबटमेंट्स(दो स्पान को जोड़ने के लिए) जो इसको बीम सेतु से अलग करते है क्यूकी बीम सेतु मे अबटमेंट्स केवल किनरो पर होते थे|ये सेतु पथरो के प्रियोग से बनाए जाते है एन्को बनाने की सुरुआत ग्रीको ने की थी २२१० मीटर के स्पान के साथ सोलकं सेतु जो की सोका नदी के उपर [[सॉलवेनिया ]] के सोलकं मे है दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा पथर से निर्मित आर्क सेतु है ईस्का निर्माण १९०५ मे हुआ था और इसके निर्माण मे ५०००० टन पथर का प्रियोग हुआ था यह सेतु केवल १८ दिनो मे बनकर पूरा हो गया था वही फ़र्देनबृशके सेतु दुनिया का सबसे बड़ा आर्क सेतु है|ईस्के अंदर हर स्पान की लंबाई ९० मीटर है| ईं दोनो सेतुओ मे केवल इतना अंतर है की सोलानक सेतु केवल पथर् से निर्मित सेतु है वही फ़र्देनबृशके सेतु मे पथर के अलवा सीमेन्ट का भि प्रियोग किया गया है|
== इन्हें भी देखें ==
* [[झूला पुल]]
705

सम्पादन