"पोलियो वैक्सीन" के अवतरणों में अंतर

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1936 में, मौरिस ब्रोदिए ने ,जो की न्यूयॉर्क विश्वविद्यालय में एक अनुसंधान सहायक थे ,एक मुलभुत बन्दर स्पिनल कार्ड से एक formaldehyde द्वारा मारे गए पोलियो टिके का निर्माण करने का प्रयास किया. उनके प्रारंभिक प्रयास पर्याप्त वायरस प्राप्त न कर पाने के कारण अवरुद्ध हुए. ब्रोदिए ने सबसे पहले उस टिके का परिक्षण अपने आप पर और अपने कई सहायकों पर किया. उसके बाद उन्होंने वह teeka तीन हज़ार बच्चो को दिया,जिनमे से कई बच्चो को प्रतिक्रियात्मक एलर्जी हुई,लेकिन किसी में भी पोलियो प्रतिरोधकता विकसित नहीं हुई. फिलाडेल्फिया के रोगविज्ञानी जॉन कोल्मेर ने भी उसी वर्ष एक teeka बनाने का दावा किया, लेकिन उससे भी प्रतिरोधकता उत्पन्न नहीं हुई और उन्हें कई मामले प्रवृत करने का दोषी ठहराया गया,जिनमे से कुछ जानलेवा थे .
 
[[Fileचित्र:Polio immunization days PHIL 2445.png|thumb|300px|left|कोलंबस,जॉर्जिया में जन पोलियो टीकाकरण, राष्ट्रीय पोलियो प्रतिरक्षण कार्यक्रम के शुरुआती दिनों के दौरान .]]
 
एक सफलता 1948 में मिली जब जॉन एंडर्स की अध्यक्षता में एक शोध समूह ने बोस्टन चिल्ड्रेन हॉस्पिटल में मानव उतकों पर पोलियो वायरस सफलतापूर्वक उगा दिया. इस बढ़त ने वैक्सीन अनुसंधान में बहुत मदद की और अंततः पोलियो के खिलाफ टीके का विकास करना मुमकिन बना दिया . एंडर्स और उनके सहयोगियों, थॉमस एच. सी. वेलर और फ्रेडरिक रॉबिंस ,द्वारा की गयी मेहनत को मान्यता देने के लिए उन्हें वर्ष १९५४ में फिजियोलॉजी या चिकित्सा का नोबेल पुरस्कार दिया गया . पोलियो वायरस के विकास के अन्य महत्वपूर्ण अग्रगणि थे:तीन पोलियो वायरस (serotype )की पहचान ( पोलियो वायरस प्रकार १ - PV1, या Mahoney ; PV2, Lansing , और PV3, Leon); यह निष्कर्ष कि पक्षाघात से पहले वायरस का रक्त में मौजूद होना ज़रूरी है , और यह स्पष्टीकरण कि एंटीबॉडी की खुराक गामा - ग्लोबुलिन के रूप में लेने से पक्षघती पोलियो से बचा जा सकता है.
 
== निष्क्रिय टीके ==
[[Fileचित्र:PittPolioVaccineCoL.jpg|thumb|right|1957 में पोलियो टीका की खुराक देना ,स्वयं सॉल्क सहित, पिट्सबर्ग विश्वविद्यालय में जहाँ उन्होंने और उनकी टीम ने वैक्सीन विकसित की थी .]]
पहला प्रभावी पोलियो वैक्सीन पिट्सबर्ग विश्वविद्यालय में 1952 में जोनास सॉल्क द्वारा विकसित किया गया था. लेकिन इसको वर्षो के परिक्षण की आवश्यकता थी. धैर्य बंधाने के लिए सॉल्क ने 26 मार्च 1953 को रेडियो सीबीएस पर वयस्कों और बच्चों के एक छोटे से समूह पर सफल परिक्षण किये जाने की घोषणा की,दो दिन बाद उस परिक्षण के नतीजे JAMA में प्रकाशित किये गए.
 
1954 में इस वैक्सीन का Arsenal Elementary स्कूल और वाटसन होम फॉर चिल्ड्रेन पिट्सबर्ग,पेंसिल्वेनिया,में परीक्षण किया था. फिर सॉल्क के टीके का इस्तेमाल थोमस फ्रांसिस के नेतृत्व में Francis Field Trial नमक एक परिक्षण में किया गया जो की इतिहास का सबसे बड़ा चिकित्सा परिक्षण था. परीक्षण की शुरुआत कुछ ४००० बच्चों के साथ Franklin Sherman Elementary School , म्क्लेँ ,वेर्जिनिया में की गयी जिसमे की आगे चलकर Maine से लेकर कैलिफोर्निया तक ४४ राज्यों के १८ लाख बच्चे शामिल होने थे. अध्ययन के ख़त्म होने तक, लगभग 440,000 बच्चों को एक या एक से अधिक टिके का इंजेक्शन दिया जा चुका था, २१०,००० बच्चो को प्लासेबो,जिसमे हानिरहित मीडिया समूह शामिल था,दिया जा चुका था,और 12 लाख बच्चे जिन्हें कोई भी टिका नहीं लगाया गया था,वे एक नियंत्रण समूह की भूमिका में थे,जिसका फिर निरिक्षण किया गया ये देखने के लिए की किसी को पोलियो हुआ है या नहीं. क्षेत्र परीक्षण के परिणामों की घोषणा 12 अप्रैल, 1955 (फ्रेंकलिन डी. रूजवेल्ट की मौत के दसवें सालगिरह ; देखिये , फ्रेंकलिन डी. रूजवेल्ट की लकवे की बीमारी) को की गयी थी . सॉल्क वैक्सीन PV1 1 (प्रकार 1 पोलियो वायरस) के विरुद्ध 60 से ७०% कारगर है,PV2 और PV3 के विरुद्ध ९० प्रतिशत से ज्यादा कारगर है,और कंदाकार पोलियो के विकास के विरुद्ध ९४ प्रतिशत तक कारगर है. सॉल्क वैक्सीन को 1955 में लाइसेंस दिए जाने के बाद जल्द ही बच्चो का टीकाकरण अभियान शुरू कर दिया गया. अमेरिका में,March of Dimes के द्वारा प्रचारित सामूहिक प्रतिरक्षण टीकाकरण अभियान का अनुसरण करते हुए,पोलियो के सालाना मामले १९५७ में ५६०० तक गिर गए. १९६१ तक संयुक्त राज्य अमेरिका में केवल १६१ मामले दर्ज हुए .
 
[[Fileचित्र:Somali boy receives a polio vaccination.jpg|thumb|left|एक सोमाली लड़के को निष्क्रिय पोलियोवायरस टीके का इंजेक्शन दिया गया (मोगादिशू, 1993 )]]
नवंबर 1987 में, संयुक्त राज्य अमेरिका में एक अधिक प्रबल आइपीवी को लाइसेंस दिया गया ,और वर्त्तमान में वह संयुक्त राज्य अमेरिका का चुनिन्दा विकल्प है . पोलियो टीके की पहली खुराक जन्म के बाद शीघ्र ही,आमतौर पर १ से २ महीने के उम्र के बीच, और , एक दूसरी खुराक 4 महीने की उम्र में दी जाती है. तीसरी खुराक का समय टीका निरूपण पर निर्भर करता है,लेकिन यह ६ से १८ महीने की उम्र के बीच दे देना चाहिए. ४ से ६ साल की उम्र के बीच एक बूस्टर टीका दिया जाता है,जो की स्कूल जाने तक या उस से पहले दिए जाने वाले कुल ४ टीको में होता है. कुछ देशों में,किशोरावस्था के दौरान एक पांचवा टीकाकरण दिया जाता है. विकसित देशों में वयस्कों (18 साल और उससे बड़ी आयु) का नियमित टीकाकरण न तो ज़रूरी है और न ही इसकी सलाह दी जाती है क्योकि ज्यादातर व्यस्क या तो पहले से ही उन्मुक्त हैं या फिर जंगली पोलियो विषाणु के प्रति उनकी अरक्षितता का जोखिम बहुत कम है.
 
 
== मौखिक टीका ==
[[Fileचित्र:Polio vaccine poster.jpg|thumb| १९६३ के इस पोस्टर में CDC का राष्ट्रीय प्रतीक दर्शाया गया है, "Wellbee" जनता को एक मौखिक पोलियो वैक्सीन लेने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है.]]
 
ओरल पोलियो वैक्सीन (ओपीवी) एक जीवित-तनु वैक्सीन है ,जिसे वायरस को ,गैर मानवीय कोशिकाओं से एक उपशरिरिक तापमान पर पारित कर के बनाया जाता है,जिस से वायरल जीनोम में एक सहज परिवर्तन(mutation ) उत्पन्न होता है. ओरल पोलियो टीके कई समूहों द्वारा विकसित किया गया है जिनमे से एक अल्बर्ट साबिन के नेतृत्व में था. हिलेरी कोप्रोव्सकी और एच.आर. काक्स द्वारा संचालित अन्य समूहों ने खुद का तनु टिका उपभेद विकसित किया . 1958 में,राष्ट्रीय स्वास्थ्य संस्थान ने जीवित पोलियो टीकों पर एक विशेष समिति बनायीं. विभिन्न टीकों का ध्यान से मूल्यांकन किया गया की वो पोलियो के प्रति प्रतिरक्षण प्रेरित करने में कितने सक्षम हैं,और साथ ही वे बंदरों में neuropathogenicity की आवृत्ति को कितना कम बनाये रख पाते हैं. इन परिणामों के आधार पर, साबिन उपभेदों को दुनिया भर में वितरण के लिए चुना गया .
ओपीवी आमतौर पर शीशियों में उपलब्ध होती है,जिनमें टीके की 10-20 खुराक होती है. मौखिक पोलियो वैक्सीन की एकल खुराक(आमतौर पर दो बूँदें) में साबिन 1 (PV1 के खिलाफ प्रभावी) की 1000000 संक्रामक इकाइयां , साबिन 2 उपभेद की 100000 संक्रामक इकाइयां , और साबिन 3 की 600 ,000 संक्रामक इकाइयां होती हैं. इस टीके में प्रतिजीवाणु(एंटीबायोटिक) की बेहद छोटी मात्र होती है - neomycin और स्ट्रेप्टोमाइसिन - लेकिन परिरक्षक(prservatives ) नहीं होते है. ओपीवी की एक खुराक से लगभग ५० प्रतिशत प्राप्तकर्ताओं को सभी तीन प्रकार के पोलियो वायरस serotype प्रकारों से प्रतिरक्षा मिल जाती है. 95% से अधिक प्राप्तकर्ताओं में जीवित तनु ओपीवी की तीन खुराक, सभी तीन प्रकार के पोलियोवायरस के प्रति , सुरक्षात्मक रोग-प्रतिकारक(antibody ) उत्पन्न करती है. ओपीवी आँत में उत्कृष्ट उन्मुक्ति उत्पन्न करती है ,जो की पोलियो वायरस के प्रवेश का मुख्या स्थल है,इससे उन क्षेत्रों में जंगली पोलियो वायरस का संक्रमण रोकने में मदद मिलती है जहाँ इसका संक्रमण स्थानिक होता है. टीके में उपयोग किया गया जीवित वायरस मल के रास्ते बहार निकल जाता है और इस प्रकार यह समुदाय में फ़ैल सकता है,परिणामस्वरूप जिन व्यक्तियों का सीधे टीकाकरण नहीं हुआ है उनकी भी पोलियो के विरुद्ध सुरक्षा हो जाती है. आइपीवी ,ओपीवी से कम जठरांत्र उन्मुक्ति उत्पन्न करता है,और मुख्य रूप से वायरस को तंत्रिका तंत्र में प्रवेश करने से रोकते हुए काम करता है. जिन क्षेत्रों में जंगली पोलियो वायरस नहीं होता है वहाँ,निष्क्रीय पोलियो वैक्सीन के टीके विकल्प होते हैं. पोलियो के उच्च आपतन वाले क्षेत्रों में,जहां प्रभावोत्पादकता और टीके के विषमय स्वरुप में प्रत्यावर्तन के बीच एक अलग तरह का खतरा होता है ,वहाँ जीवित टीके का इस्तेमाल किया जाता हैं. वीवित वायरस के परिवहन और भंडारण की बेहद सख्त ज़रूरतें होती हैं ,जो की गरम और दूरदराज़ के इलाकों में एक समस्या रहे है. बाकी दुसरे जीवित वायरस टीकों के साथ ,ओपीवी द्वारा दीक्षित उन्मुक्ति लगभग आजीवन रहती है.
 
== Iatrogenic ( वैक्सीन प्रेरित ) पोलियो ==
 
मौखिक पोलियो वैक्सीन (ओपीवी)के बारे में एक प्रमुख मुद्दा है, इसकी खुद को ऐसे स्वरुप में लौटा लेने की विदित क्षमता, जिससे की स्नायविक संक्रमण और पक्षाघात हो सकता है. टीका व्युत्पन्न पोलियो वायरस (VDPV) द्वारा प्रेरित, पक्षाघात सहित,अन्य नैदानिक रोग, जंगली पोलियो वायरस द्वारा प्रेरित रोगों से अविभेद्य हैं. हालाँकि इसे एक दुर्लभ घटना माना जाता है, वैक्सीन से जुड़े पक्षाघाती पोलियोमाइलिटिस ( VAPP ) के प्रकोप को दर्ज किया गया है,और यह निम्न ओपीवी कवरेज वाले क्षेत्रों में प्रवृत्त होता है,सम्भवतः क्योकि ओपीवी स्वयं सम्बंधित प्रकोप के प्रति सुरक्षात्मक है.
 
[[Fileचित्र:Bundesarchiv B 145 Bild-F025952-0015, Bonn, Gesundheitsamt, Schutzimpfung.jpg|thumb|left|१९६७ के टीकाकरण अभियान के लिए मौखिक पोलियो वैक्सीन की खुराक को चीनी (cubes ) में मिलाया गया, बॉन, जर्मनी .]]
 
जैसे जैसे जंगली पोलियो की घटनाएं कम हो रही हैं,अनेक देश मौखिक टीके के इस्तेमाल से इंजेक्शन टीके की तरफ लौट रहे हैं,क्योकि ओपीवी से उत्पन्न iatrogenic पोलियो (VAPP) का प्रत्यक्ष खतरा ओपीवी के प्रारंभिक संचरण के अप्रत्याशित लाभ से ज्यादा महत्वपूर्ण है. आई पी वी के इस्तेमाल से परावर्तन मुमकिन नहीं है लेकिन परावर्तित ओपीवी या जंगली पोलियो विषाणु से अरक्षितता होने पर नैदानिक संक्रमण का थोडा जोखिम बना रहता है . मध्य 1950 के दशक में पोलियो टीके के व्यापक उपयोग के बाद कई औद्योगिक देशों में पोलियो की घटनाओं में तेजी से गिरावट आई है. 2000 में संयुक्त राज्य अमेरिका में ओपीवी का इस्तेमाल बंद कर दिया गया और 2004 में ब्रिटेन में भी इसका इस्तेमाल बंद कर दिया गया है, लेकिन दुनिया भर में इसका इस्तेमाल जारी है.
VAPP ka प्रकोप स्वतंत्र रूप से बेलारूस (1965-1966),कनाडा(1966-1968),मिस्र(1983-१९९३),Hispaniola(2000-2001),फिलीपींस(2001),मेडागास्कर (2001-2002),और हैती (2002) में हुआ , जहां राजनीतिक संघर्ष और गरीबी ने टीकाकरण के प्रयासों में दखल दिया. 2006 में चीन में वैक्सीन व्युत्पन्न पोलियो वायरस फैला. कंबोडिया( 2005-2006 ),म्यांमार (2006 -2007 ),इरान (1995 -2007 ),सीरिया, कुवैत और मिस्र में भी मामले दर्ज किये गए. 2005 के बाद से, विश्व स्वास्थ्य संगठनउत्तरी नाइजीरिया में जीवित मौखिक पोलियो टीके में उत्परिवर्तन के कारण हुए टीका व्युत्पन्न पोलियो पर नज़र रख रहा है.
 
== संदूषण से जुड़े मुद्ददे ==
 
1960 में, यह पता चला की रेसस बंदर गुर्दे की कोशिकाएं,जिनका इस्तेमाल कर पोलियो टीके बनाये गए थे, SV40 वायरस (सिमीयन वायरस-४०) से संक्रमित हैं. SV40 की खोज भी 1960 में हुई थी और यह प्राकृतिक रूप से पाए जाने वाला वायरस है जो की बंदरों को संक्रमित करता है. 1961 में पता चला की SV40 कृंतक प्राणियों में ट्यूमर उत्पन्न करता है. हाल ही में,यह वायरस मनुष्यों में पाए जाने वाले कैंसर के कुछ रूपों में पाया गया, उदाहरण के लिए मस्तिष्क और हड्डी के ट्यूमर,mesothelioma और non -Hodgkin lymphomake के कुछ प्रकार. हालांकि,यह निर्धारित नहीं हो पाया है की यह कैंसर SV40 द्वारा उत्पन्न किया गया है.
[[es:Vacuna contra la poliomielitis]]
[[fi:Poliorokote]]
[[it:Vaccino della poliomielite]]
[[ta:போலியோ தடுப்பூசி]]
[[te:పోలియో టీకా]]