"जॉनी मेरा नाम (1970 फ़िल्म)": अवतरणों में अंतर

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| imdb_id = 0154685
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'''जॉनी मेरा नाम''' 1970 में बनी [[हिन्दी भाषा]] की फिल्म है । [[विजय आनन्द]] द्वारा निर्देशित इस फ़िल्म में [[देवानन्द]] और [[प्राण]] ने दो भाइयों का किरदार निभाया है जो बचपन में बिछड़ जाते हैं। [[हेमा मालिनी]], [[आइआई एस जौहर]], [[इफ़्तिख़ारइफ़्तेख़ार]] और [[प्रेमनाथ]] ने भी इस फ़िल्म में अहम भूमिका निभाई है।
== संक्षेप ==
== चरित्र ==
*[[प्रेमनाथ]],
*[[आई एस जौहर]]
*[[इफ़्तेख़ार]]
*[[इफ़्तेखार]]
 
==कहानी==
मोनू (मोहन) (फ़िल्म में प्राण) और सोनू (सोहन) (फ़िल्म में देवानन्द) एक पुलिस इंस्पैक्टर के दो पुत्र हैं। दोनों को बॉक्सिंग में अच्छा अनुभव है। उनके पिता की रंजीत (फ़िल्म में प्रेमनाथ) द्वारा हत्या करवा दी जाती है। मोहन हत्यारे को मारकर एक कार की डिक्की में छुप जाता है और परिवार से बिछड़ जाता है। कई वर्ष बाद सोहन एक सी आइ डी अफ़सर बन जाता है, जो अलग-अलग वेष बदल कर अपने केस सुलझाता है।
वह जॉनी नामक एक चोर का वेष बनाकर अपने को पुलिस के हाथों सौंप देता है तथा जेल में हीरा (फ़िल्म में जीवन) से दोस्ती करता है।
रेखा (फ़िल्म में हेमा मालिनी) का प्यार में पीछा करते हुए वह केस सुलझा लेता है और मुजरिम को पकड़ लेता है।
<!-- Monu (Mohan) and Sonu (Sohan) are the two sons of a police inspector. The kids excel in boxing. Their father gets killed by a goon following orders from Ranjit (played by Premnath). Mohan kills the goon and takes refuge in a
car boot. Years later Sohan goes on to become a [[CID]] officer called Sohan Kumar, who solves his cases taking up different guises.