"चौपाई" के अवतरणों में अंतर

273 बैट्स् जोड़े गए ,  8 वर्ष पहले
सम्पादन सारांश रहित
चौपाई मात्रिक सम छन्द का एक भेद है। प्राकृत तथा अपभ्रंश के १६ मात्रा के वर्णनात्मक छन्दों के आधार पर विकसित हिन्दी का सर्वप्रिय और अपना छन्द है।<ref>{{cite गोस्वामीbook तुलसीदास|last= ने|first= [[रामचरित मानस]]|title= मेंहिन्दी चौपाइसाहित्य छन्दकोश|year=१९८५|publisher=ज्ञानमण्डल कालिमिटेड|location=वाराणसी बहुत|id= अच्छा|page= निर्वाह|accessday= किया२४८|accessmonth= है।|accessyear= चौपाई में चार चरण होते हैं, प्रत्येक चरण में १६-१६ मात्राएँ होती हैं तथा अन्त में गुरु होता है।}}</ref>
गोस्वामी तुलसीदास ने [[रामचरित मानस]] में चौपाइ छन्द का बहुत अच्छा निर्वाह किया है। चौपाई में चार चरण होते हैं, प्रत्येक चरण में १६-१६ मात्राएँ होती हैं तथा अन्त में गुरु होता है।