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'''खगोलीय यांत्रिकी''' (Celestial mechanics) में आकाशीय पिंडों (heavenly bodies) की गतियों के गणितीय सिद्धांतों का विवेचन किया जाता है। [[न्यूटन]] द्वारा प्रिंसिपिया में उपस्थापित [[गुरुत्वाकर्षण नियम]] तथा तीन गतिनियम खगोलीय यांत्रिकी के मूल आधार हैं। इस प्रकार इसमें विचारणीय समस्या द्वितीय वर्ण के सामान्य अवकल समीकरणों के एक वर्ग के हल करने तक सीमित हो जाती है।
 
== इतिहास ==
17वीं शताब्दी के प्रारंभ में [[जोहैन केप्लर]] (Johann Kepler) ने ग्रहगति के तीन प्रसिद्ध अनुभूतिमूलक (empirical) नियमों का निर्माण किया, जिनके साथ उसका नाम जुड़ा है। ये नियम न्यूटन के गुरु त्वाकर्षण तथा गति के तीन आधारभूत नियमों के दो कायों पर प्रयोग के उपफल (corollary) हैं तथा इस प्रकार ये न्यूटन की प्राक्‌कल्पना (hypothesis) को पुष्ट करते हैं। न्यूटन के तीन गतिनियम सदा एक जड़ता प्रणाली (inertial system) के संदर्भ में हैं, जिसका प्राय: पर्याप्त सूक्ष्मता के साथ आकाशगंगा के सापेक्ष स्थिर प्रणाली से एकात्म स्थापित किया जा सकता है। दो कायों के प्रश्नों को तीन कायों के प्रश्नों तक तथा व्यापक रूप में ‘न’ (n) कायों के प्रश्नों तक विस्तृत करने में बहुत कठिनाई उपस्थित होती है। दो कायों के प्रश्नों के विपरीत ‘न’ कायों के प्रश्न, यदि न दो से अधिक हो तो, हल नहीं होते। सौर परिवार, जिसमें सूर्य तथा नवग्रह हैं, और अधिकांश ग्रह उपग्रहोंवाले हैं, एक बहुकायिक प्रश्न प्रस्तुत करता है। इसी प्रकार सूर्य, पृथ्वी तथा [[चंद्रमा]] की संहति (system) तीन कायों के प्रश्न का उदाहरण है।
 
यह अच्छी तरह ज्ञात हो चुका है कि न्यूटन का विश्वव्यापी गुरुत्वाकर्षण नियम तथा तीन गतिनियम आसन्न रूप में शुद्ध हैं। शुद्ध गतिनियम तो सापेक्षवाद ही प्रस्तुत करता है, तथापि ज्योतिष की अधिकांश समस्याओं में आपेक्ष शोधन अति न्यून होते हैं। बुध के रविनीच की गति में आपेक्ष प्रभाव काफी दृश्य होता है और इसे वेध द्वारा भी पुष्ट किया जा चुका है। खगोलीय यांत्रिकी में प्राय: अपनाई जानेवाली विधि यह है कि पहले न्यूटन के सिद्धांतों से गणना कर ली जाती है तथा बाद में आपेक्ष प्रभावों के लिये उपयुक्त शोधन कर दिया जाता है।
 
== इन्हें भी देखें ==
* [[अनुप्रयुक्त यांत्रिकी]]
* [[खगोलिकी]]
 
== बाहरी कड़ियाँ ==
* {{Citation | last = Calvert | first = James B. |date= 2003-03-28 | url = http://www.du.edu/~jcalvert/phys/orbits.htm | title = Celestial Mechanics | publisher = University of Denver | accessdate = 2006-08-21 }}
* [http://www.phy6.org/stargaze/Sastron.htm Astronomy of the Earth's Motion in Space], high-school level educational web site by David P. Stern
 
'''Research'''
* [http://www.math.washington.edu/~hampton/research.html Marshall Hampton's research page: Central configurations in the n-body problem]
 
'''Artwork'''
[[gl:Mecánica celeste]]
[[hu:Égi mechanika]]
[[hy:Երկնային մեխանիկա]]
[[id:Mekanika benda langit]]
[[it:Meccanica celeste]]