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== शिल्प स्मारक ==
{{main|पत्तदकल स्मारक परिसर}}
[[चालुक्य]] शैली का उद्भव ४५० ई. में एहोल में हुआ था। यहाँ वास्तुकारों ने नागर एवं द्रविड़ समेत विभिन्न शैलियों के प्रयोग किए थे। इन शैलियों के संगम से एक अभिन्न शैली का उद्भव हुआ। [[सातवीं शताब्दी]] के मध्य में यहां [[चालुक्य वंश|चालुक्य राजाओं]] के राजतिलक होते थे। कालांतर में मंदिर निर्माण का स्थल [[बादामी]] से पत्तदकल आ गया। यहाँ कुल दस मंदिर हैं, जिनमें एक जैन धर्मशाला भी शामिल है। इन्हें घेरे हुए ढेरों चैत्य, पूजा स्थल एवं कई अपूर्ण आधारशिलाएं हैं। यहाँ चार मंदिर द्रविड़ शैली के हैं, चार नागर शैली के हैं एवं पापनाथ मंदिर मिश्रित शैली का है। पत्तदकल को [[१९८७]] में [[युनेस्को]] द्वारा [[विश्व धरोहर स्थल]] घोषित किया गया था। <ref>{{cite web
</gallery></center>
 
== संदर्भ ==
* [http://whc.unesco.org/en/list/239 युनेस्को विश्व धरोहर जालस्थल] पर पत्तदकल
<references />
 
== विस्तृत पठन ==
* {{cite book
| last = मिचेल
}}
 
== बाहरी कड़ियां ==
* [http://www.world-heritage-tour.org/asia/south-asia/india/pattadakal/map.html पत्तदकल का ३६०° विहंगम दृश्य] वर्ल्ड हैरिटेज टूअर पर
* [http://www.iloveindia.com/indian-monuments/pattadakal-temple.html पत्तदकल मंदिर]
[[kn:ಪಟ್ಟದಕಲ್ಲು]]
[[ko:파타다칼]]
[[ml:പട്ടടക്കൽ]]
[[mr:पट्टदकल]]
[[pl:Pattadakal]]