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:प्रिय अजीत कुमार तिवारी जी! कृपा करके इस लेख में आप बार-बार रजा को राजा (किंग) मत बनाइये। वर्तनी की दृष्टि से उर्दू में इसे "रे+अलिफ+जीम+हे" ही लिखा जाता है परन्तु चूँकि यह हिन्दी विकीपीडिया है अत: हिन्दी में इसे '''रज:''' (विसर्ग हटाने पर) '''रजा''' ही लिखना मेरी दृष्टि से उचित होगा। और अधिक स्पष्टीकरण के लिये उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान द्वारा प्रकाशित उर्दू हिन्दी शब्दकोश देख सकते हैं। धन्यवाद[[User:Krantmlverma|डॉ०क्रान्त एम०एल०वर्मा]] ([[User talk:Krantmlverma|वार्ता]]) 08:01, 22 जुलाई 2012 (UTC)
:क्या यह चर्चा यहाँ करनी ज़रूरी थी? लेख के वार्ता पृष्ठ पर क्या समस्या थी? आपके दृष्टिकोण से किसी का नाम नहीं बदल जाएगा। अलिफ 'आ' की मात्रा के लिए होता है। '''आप बार-बार रजा को राजा (किंग) मत बनाइये''', क्या मतलब है इसका? अन्यथा नहीं ले रहा हूँ, फिर भी मर्यादा का ध्यान रखा जाय। मेरे बनाने से तो वो 'राजा' बन नहीं जाएंगे, आप बेशक अपनी 'रजा' पूरी कर लें। ख़ैर, आप कुछ बेहतर ही कर रहे हैं। उसी पर ध्यान केंद्रित करें। धन्यवाद। --[[User:'''अजीत कुमार तिवारी'''|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;"><font color="red"><sup></sup> '''अजीत कुमार तिवारी'''</font></span>]]<sup>[[User talk:अजीत कुमार तिवारी|<font color="green"> '''वार्ता'''</font>]]</sup> 08:30, 22 जुलाई 2012 (UTC)
::मेरे मित्र! मेरी इच्छा-अनिच्छा का कोई प्रश्न ही नहीं है। न ही मैने कोई मर्यादा भंग की है। "रजा परवेज़ अशरफ़" शब्द का हिन्दी में अर्थ है "प्रतिष्ठित कुल की इच्छा"। शायद यही सोचकर उनके माता पिता ने यह नाम रखा होगा। मैंने इस शब्द का व्युत्पत्ति सहित अर्थ मुहम्मद मुस्तफ़ा खाँ 'मद्दाह' के उर्दू-हिन्दी शब्दकोश (पृष्ठ ५६६, ३७१ व २८) से जाँच-परख कर ही [[रजा परवेज़ अशरफ़]] के नाम से नया पन्ना बनाया था इसके अतिरिक्त मेरी कोई दूसरी मंशा नहीं थी। रही राजा बनने की बात, सो पाकिस्तान के वजीरे-आज़म बनकर अशरफ़ जी अपने खानदान की उम्मीदों पर पूरी तरह से खरे उतरे हैं। मुझे उम्मीद है मेरी बात को आप या कोई भी अन्यथा नहीं लेगा बस इतना-सा निवेदन मैं अवश्य करूँगा। आपका ही- [[User:Krantmlverma|डॉ०क्रान्त एम०एल०वर्मा]] ([[User talk:Krantmlverma|वार्ता]]) 09:02, 22 जुलाई 2012 (UTC)
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