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== नितल <!-- की संरचना --> ==
[[चित्र:Atlantic bathymetry.jpg|thumb|left|सागर की गहराइयां दिखाता मानचित्र]]
अटलांटिकअन्ध महासागर के नितल के प्रारंभिक अध्ययन में जलपोत चैलेंजर (१८७३-७६) के अन्वेषण अभियान के ही समान अनेक अन्य वैज्ञानिक महासागरीय अन्वेषणों ने योग दिया था। अटलांटिकअन्ध महासागरीय विद्युत केबुलों की स्थापना के हेतु आवश्यक जानकारी की प्राप्ति ने इस प्रकार के अध्यायों को विशेष प्रोत्साहन दिया। इसका नितल इस महासागर के एक कूट द्वारा पूर्वी और पश्चिमी द्रोणियों में विभक्त है। इन द्रोणियों में अधिकतम गहराई १६,५०० फीट से भी अधिक है। पूर्वोक्त समुद्रांतर कूट काफी ऊँचा उठा हुआ है और आइसलैंड के समीप से आरंभ होकर ५५°डिग्री दक्षिण [[अक्षांश]] के लगभग स्थित बोवे द्वीप तक फैला है। इस महासागर के उत्तरी भाग में इस कूट को डालफिन कूट और दक्षिण में चैलेंजर कूट कहते हैं। इस कूट का विस्तार लगभग १०,००० फुट की गहराई पर अटूट है और कई स्थानों पर कूट सागर की सतह के भी ऊपर उठा हुआ है। अज़ोर्स, [[सेंट पॉल]], असेंशन, [[ट्रिस्टाँ द कुन्हा]], और बोवे द्वीप इसी कूट पर स्थित है। निम्न कूटों में [[अंध महासागर|दक्षिणी अंध महासागर]] का वालफिश कूट और रियो ग्रैंड कूट, तथा [[अंध महासागर|उत्तरी अंध महासागर]] का वाइविल टामसन कूट उल्लेखनीय हैं। ये तीनों निम्न कूट मुख्य कूट से लंब दिशा में फैले हैं।
 
[[चित्र:Porto Covo pano April 2009-4.jpg|thumb|250px|[[पुर्तगाल]] के पश्चिमी तट से अंध महासागर का दृश्य]]
ई. कोसना (१९२१) के अनुसार इस महासागर की औसत गहराई, अंतर्गत समुद्रों को छोड़कर, ३,९२६ मीटर, अर्थात् १२,८३९ फुट है। इसकी ज्ञात अधिकतम गहराई, ८,७५० मीटर अर्थात् २८,६१४ फुट है और यह गिनी स्थली की पोर्टोरिकी द्रोणी में स्थित है।<!--
== नितल के निक्षेप (अंतर्गत समुद्रों सहित) == -->अटलांटिकअन्ध महासागर की मुख्य स्थली का ७४ प्रतिशत भाग तलप्लावी निक्षेपों (पेलाजिक डिपाजिट्स) से ढका है, जिसमें नन्हें नन्हें जीवों के शल्क (जैसे ग्लोबिजराइना, टेरोपॉड, डायाटम आदि के शल्क) हैं। शेष २६ प्रतिशत भाग पर भूमि पर उत्पन्न हुए अवसादों (सेडिमेंट्स) का निक्षेप है जो मोटे कणों द्वारा निर्मित है।
 
== पृष्ठधाराएँ ==
[[चित्र:Circulacion termohalina.jpg|सागर की पृष्ठधाराएं: <br />[[पर्पल]]:गहन सागर धाराएं<br />नीली:सतही धाराएं|thumb]]
अंध महासागर की पृष्ठधाराएँ नियतवाही पवनों के अनुरूप बहती हैं। परंतु स्थल खंड की आकृति के प्रभाव से धाराओं के इस क्रम में कुछ अंतर अवश्य आ जाता है। उत्तरी अटलांटिकअन्ध महासागर की धाराओं में उत्तरी विषुवतीय धारा, गल्फ स्ट्रीम, उत्तरी अटलांटिकअन्ध प्रवाह, कैनेरी धारा और लैब्रोडोर धाराएँ मुख्य हैं। दक्षिणी अटलांटिकअन्ध महासागर की धाराओं में दक्षिणी विषुवतीय धारा, ब्राजील धारा, फाकलैंड धारा, पछवाँ प्रवाह और बैंगुला धाराएँ मुख्य हैं।
 
== संदर्भ ==
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