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[[चित्र:Diopsis.jpg|right|thumb|200px|[[ऐटमेल]] (Atmel) की एक आईसी जिसमें स्मृति ब्लॉक, निवेश निर्गम (इन्पुट-ऑउटपुट) एवं तर्क के ब्लॉक देखे जा सकते हैं। यह एक ही चिप में पूरा तन्त्र (System on Chip) है।]]
[[चित्र:Microchips.jpg|right|thumb|200px| माइक्रोचिपसूक्ष्मचिप (Microchipsमाइक्रोचिप ) कम्पनी की इप्रोम (EPROM) स्मृति के एकीकृत परिपथ]]
[[चित्र:Photo-SMDchips.jpg|right|thumb|200px|आधुनिक सरफेस माउण्ट आईसी]]
 
[[एलेक्ट्रॉनिकी]] में '''एकीकृत परिपथ''' या '''एकीपरि''' (इन्टीग्रेटेड सर्किट (IC)) को माइक्रोसर्किटसूक्ष्मपरिपथ (सूक्ष्मपरिपथमाइक्रोसर्किट), माइक्रोचिपसूक्ष्मचिप, सिलिकॉन चिप, या केवल चिप के नाम से भी जाना जाता है। यह एक [[अर्धचालक]] पदार्थ के अन्दर बना हुआ एलेक्ट्रॉनिक [[परिपथ]] ही होता है जिसमें प्रतिरोध, संधारित्र आदि पैसिव कम्पोनेन्ट (निष्क्रिय घटक) के अलावा डायोड, ट्रान्जिस्टर आदि अर्धचालक अवयव निर्मित किये जाते हैं। जिस प्रकार सामान्य परिपथ का निर्माण अलग-अलग (डिस्क्रीट) अवयव जोड़कर किया जाता है, आईसी का निर्माण वैसे न करके एक अर्धचालक के भीतर सभी अवयव एक साथ ही एक विशिष्ट प्रक्रिया का पालन करते हुए निर्मित कर दिये जाते हैं। एकीकृत परिपथ आजकल जीवन के हर क्षेत्र में उपयोग में लाये जा रहे हैं। इनके कारण एलेक्ट्रानिक उपकरणों का आकार अत्यन्त छोटा हो गया है, उनकी कार्य क्षमता (परफार्मैन्स) बहुत अधिक हो गयी है एवं उनकी शक्ति (पॉवर) की जरूरत बहुत कम हो गयी है।
 
[[संकर एकीकृत परिपथ]] भी लघु आकार के एकीपरि (एकीकृत परिपथ) होते हैं किन्तु वे अलग-अलग अवयवों को एक छोटे बोर्ड पर जोड़कर एवं एपॉक्सी आदि में जड़कर (इम्बेड करके) बनाये जाते हैं। अतः ये ''मोनोलिथिक आई सी'' से भिन्न हैं।
 
==परिचय==
माइक्रोचिपसूक्ष्मचिप, एकीकृत परिपथ यानि ''इंट्रीग्रेटेड सर्किट''एकीपरि की एक चिप होती है, जो कि [[सिलिकॉन]] से बनी होती है। यह [[प्रोगाम लॉजिक]] और [[कंप्यूटर मेमोरी]] के लिए बनाई जाती है। वर्तमान में माइक्रोचिपसूक्ष्मचिप [[कंप्यूटर]], [[मोबाइल]], पीडीए और माइक्रोवेव ओवन सहित कई [[इलेक्ट्रॉनिक]] उपकरणों का आवश्यक अंग बन चुकी हैं। <ref>[http://www.livehindustan.com/news/tayaarinews/gyan/67-75-87002.html माइक्रोचिपसूक्ष्मचिप]।हिन्दुस्तान लाइव।२१ दिसंबर, २००९</ref> माइक्रोचिपसूक्ष्मचिप अपने ५० वर्षो की यात्रा पूर्ण कर चुकी है। १९५८ में इसका अविष्कार रॉबर्ट नॉयस और जैक किल्बे ने किया था। ये दोनों अलग-अलग कंपनियों में काम करते थे और दोनों ही कंपनियां इस शोध को अपने दृष्टिकोण से कर रही थी। इस शोध के उपरांत बाद दोनों ही कंपनियों ने इसके पेटेंट के लिए आवेदन किया। बाद में दोनों कंपनियों को सम्मिलित रूप से इसका लाइसेंस दिया गया और इसका सम्मिलत पेटेंट दिया गया। पहली बार माइक्रोचिपसूक्ष्मचिप [[१९६१]] में लोगों को उपलब्ध हुई। जिक किल्बे ने ही बाद में पोर्टेबल कैलकुलेटर का आविष्कार किया। तब से लेकर अब तक माइक्रोचिपसूक्ष्मचिप में कई बदलाव आ चुके हैं। पहली माइक्रोचिपसूक्ष्मचिप में जहां एक ट्रांजिस्टर, एक कैपेसिटर और तीन रजिस्टर थे, वहीं आज की माइक्रोचिपसूक्ष्मचिप में एक छोटे सी जगह में लगभग १२५ मिलियन ट्रांजिस्टर समाए होते हैं।
 
माइक्रोचिपसूक्ष्मचिप के कई और लाभ भी हैं। वर्तमान में माइक्रोचिपसूक्ष्मचिप का प्रयोग जैविक प्रणालियों (बॉयोलॉजिकल सिस्टम) में होता है। इसका प्रयोग जीवन बचाने में भी होने लगा है। हृदय रोगियों के लिए पेसमेकर में भी माइक्रोचिपसूक्ष्मचिप रहती है। पेसमेकर हृदय गति नियत्रिंत रखता है। माइक्रोचिपसूक्ष्मचिप का प्रयोग घड़ियों, मोबाइल फोन से लेकर स्पेस शटल तक में हो रहा है।
 
==इतिहास==
सन् १९४७ में [[ट्रांजिस्टर]] के आविष्कार के बाद एकीपरि (एकीकृत परिपथ) के के विकास का रास्ता साफ हो गया था। सन् १९५८-५९ में दो व्यक्तियों ने लगभग एक ही तरह की आई सी लगभग एक ही समय विकसित की। वे अलग-अलग काम कर रहे थे और एक-दूसरे के काम से अनभिज्ञ थे। ये व्यक्ति थे - टेक्सास इंस्ट्रूमेन्ट्स में कार्यरत [[जैक किल्बी]] (Jack Kilby), और फेयरचाइल्ड सेमीकंडक्टर कारपोरेशन के सह-संस्थापक रॉबर्ट नॉयस (Robert Noyce) । दोनो ही विद्युत इंजीनियर थे और दोनो ही इस बात का हल निकालने में जुटे हे थे कि अनेकानेक संख्याओं वाले परिपथों को कैसे विश्वसनीय रूप से निर्मित किया जाय और उनका आकार कैसे छोटा किया जाय। आज हम कह सकते हैं कि यदि ट्रांसिस्टर का आविष्कार न होता तो एकीकृत परिपथएकीपरि न होता; और एकीकृत परिपथएकीपरि न होता तो [[कम्प्यूटर]] और अन्य एलेक्ट्रॉनिक उपकरण न होते जिनका परिपथ करोड़ों-अरबों अवयवों से बना होता है।
 
==लाभ==
एकीपरि (एकीकृत परिपथ) के विकास से निम्नलिखित लाभ होते हैं-
 
* लाखों, करोड़ों या अरबों अवयवों वाले परिपथ भी विश्वसनीय रूप से काम करते हैं।
 
* इतने सारे अवयवों (components) की असेम्बलीविधानसभा में लगने वाला समय अब नहीं लगता।
 
* परिपथ का आकार बहुत छोटा हो जाता है जिससे छोटे आकार के एलेक्ट्रॉनिक चीजें बनायी जा सकतीं हैं।
 
* बड़े परिपथ इस प्रकार डिजाइनयोजना किये जा सकते हैं कि वे कम से कम शक्ति (पॉवर) से काम कर सकें।
 
==वर्गीकरण==
* डिजिटल आईसी (Digital IC) - जिनका परिपथ आंकिक प्रकृति का होता है। सभी लॉजिक आईसी, माइक्रोप्रोसेसर, डीएसपी आदि डिजिटल आईसी है।
 
* मिश्रित संकेत आईसी (Mixed signal IC) - इन एकीकृत परिपथों पर एनॉलॉग और डिजिटल दोनो ही परिपथ मौजूद होते हैं। उदाहरण के लिये कुछ माइक्रोकन्ट्रोलरों पर दोनो तरह के परिपथ होते हैं। एडीसी (ADC) तथा डीएसी (DAC) के एकीपरि (एकीकृत परिपथ) इस श्रेणी में आते हैं।
 
; ट्रांजिस्टरों की संख्या के आधार पर-
430

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