"सीनाई प्रायद्वीप" के अवतरणों में अंतर

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'''सीनाई प्रायद्वीप''' या '''सीनाई''' या '''सीना प्रायद्वीप''' (<small>[[अरबी भाषा]]: سيناء‎, [[अंग्रेज़ी]]: Sinai</small>) [[मिस्र]] का एक त्रिकोणरुपी [[प्रायद्वीप]] है जो उत्तर में [[भूमध्य सागर]] और दक्षिणपश्चिम में [[लाल सागर]] की [[सुएज़ की खाड़ी]] और दक्षिणपूर्व में लाल सागर की [[अक़ाबा की खाड़ी]] के बीच में स्थित है। लगभग ६०,००० वर्ग किमी का यह इलाक़ा मिस्र का इकलौता क्षेत्र है जो [[एशिया]] के महाद्वीप पर पड़ता है (बाक़ी मिस्र [[उत्तर अफ़्रीका]] में है)। भौगोलिक दृष्टि से यह एशिया और अफ़्रीका के महाद्वीपों के बीच एक [[ज़मीनी पुल]] है। सीनाई और मिस्र की मुख्यभूमि के बीच [[सुएज़ नहर]] और सुएज़ की खाड़ी आती है। पूर्व में सीनाई की अकेली ज़मीनी सरहद [[इस्राइल]] से लगती है।<ref name="ref13degov">[http://books.google.com/books?id=DJgnebGbAB8C Encyclopedia of World Geography], R. W. McColl, pp. 836, Infobase Publishing, 2005, ISBN 9780816072293, ''... The Sinai Peninsula (in Arabic, the Shibh Jazirat Sina) is the eastern extension of Egypt onto the continent of Asia (Egypt being mainly in Africa), bordering on the country of Israel ...''</ref>
 
==विवरण==
सीनाई पर लगभग ५ लाख लोग रहते हैं और इसका अधिकतर हिस्सा मिस्र के दो प्रान्तों में बंटा हुआ है। इसके अलावा तीन अन्य प्रान्त हैं जो थोड़े सीनाई में और थोड़े सुएज़ के पार मिस्र की मुख्यभूमि पर विस्तृत हैं। इतिहास में सीनाई पर बहुत से देशों और साम्राज्यों ने झड़पें की हैं। मिस्र के अपने राज्यों के अलावा यहाँ कभी [[उस्मानी साम्राज्य]] का और फिर [[ब्रिटेन]] का शासन रहा था। १९५६ के सुएज़ संकट में और और फिर १९६७ में [[छह दिनों के युद्ध]] के बाद [[इस्राइल]] ने इसपर क़ब्ज़ा किया। १९६७ के बाद इस्राइल ने घोषणा कर दी कि सीनाई अब उसका हिस्सा है। इसे वापस लेने के लिए मिस्र ने १९७३ में इस्राइल से फिर युद्ध किया लेकिन असफल रहा। १९७९ में इस्राइल-मिस्र शांति संधि के बाद १९८२ में इस्राइल ने ख़ुद ही इसे मिस्र को वापस कर दिया। वर्तमानकाल में सीनाई एक पर्यटन स्थल है। [[यहूदी]], [[ईसाई धर्म|ईसाई]] और [[इस्लाम]] धर्म की मान्यता है कि यहीं के [[सीनाई पर्वत]] पर पैग़म्बर​ [[मूसा]] (मोज़िज़) को ईश्वर से [[दस धर्मादेश]] मिले थे।<ref name="ref83layaf">[http://books.google.com/books?id=DkqpJu8LODIC DK Eyewitness Travel Guide: Jerusalem, Israel, Petra & Sinai], Dorling Kindersley, pp. 237, Penguin, 2010, ISBN 9780756683238, ''... It's here that God supposedly first spoke to Moses through the medium of a burning bush and here, on Mount Sinai, that Moses received the Ten Commandments. The peninsula has been crossed by countless armies ...''</ref>
 
==सीनाई के कुछ नज़ारे==