"सस्य आवर्तन": अवतरणों में अंतर

45 बाइट्स जोड़े गए ,  9 वर्ष पहले
सम्पादन सारांश नहीं है
No edit summary
'''फसलफ़सल चक्र''' या '''सस्यचक्र''' (क्रॉप रोटेशन) : विभिन्न फसलों को किसी निश्चित क्षेत्र पर, एक निश्चित क्रम से, किसी निश्चित समय में बोने को सस्यचक्र कहते हैं। इसका उद्देश्य पौधों के भोज्य तत्वों का सदुपयोग तथा भूमि की भौतिक, रासायनिक तथा जैविक दशाओं में संतुलन स्थापित करना है।
 
==लाभ==
15. अधिक उपज- उपर्युक्त कारणों से फसल की उपज प्राय: अधिक हो जाती है।
 
[[श्रेणी:फ़सलें]]
[[श्रेणी:कृषि]]