"ब्रिटिश काल में भारत की अर्थव्यवस्था" के अवतरणों में अंतर

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बीसवीं शताब्दी के पाँचवे दशक में भारतवर्ष में अग्रेजों की बहुत बड़ी पूँजी लगी हुई थी। पिछले पचास-साठ वर्षों में इस पूँजी में बहुत तेजी के साथ वृद्धि हुई। 634 विदेशी कंपनियां भारत में इस समय कारोबार कर रही थीं। इनकी वसूल हुई पूंजी लगभग साढ़े सात खरब रुपया थी और 5194 कंपनियां ऐसी थीं जिनकी रजिस्ट्री भारत में हुई थी और जिनकी पूंजी 3 खरब रुपया थी। इनमें से अधिकतर अंग्रेजी कंपनियां थीं। इंग्लैंड से जो विदेशों को जाता था उसका दशमांश प्रतिवर्ष भारत में आता था। वस्त्र और लोहे के व्यवसाय ही इंग्लैंड के प्रधान व्यवसाय थे और ब्रिटिश राजनीति में इनका प्रभाव सबसे अधिक था। भारत पर इंग्लैंड का अधिकार बनाए रखने में इन व्यवसायों का सबसे बड़ा स्वार्थ था; क्योंकि जो माल ये बाहर रवाना करते थे उसके लगभग पंचमांश की खपत भारतवर्ष में होती थी। भारत का जो माल विलायत जाता था उसकी कीमत भी कुछ कम नहीं थी। इंग्लैंड प्रतिवर्ष चाय, जूट, रुई, तिलहन, ऊन और चमड़ा भारत से खरीदता था। यदि केवल चाय का विचार किया जाए तो 36 करोड़ रुपया होगा। इन बातों पर विचार करने से यह स्पष्ट है कि ज्यों-ज्यों इंग्लैंड का भारत में आर्थिक लाभ बढ़ता गया त्यों-त्यों उसका राजनीतिक स्वार्थ भी बढ़ता गया।
 
== इन्हें भी देखें ==
* [[भारत का आर्थिक इतिहास]]
 
== वाह्य सूत्र ==
* [http://www.ee.adfa.edu.au/staff/hrp/personal/Production1750-1913.pdf सन १७५० से १९१३ के दौरान विश्व की सम्पूर्ण निर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) में विभिन्न देशों का प्रतिशत भागीदारी की सूची]
* [http://books.google.co.in/books?id=sxMyW6R0GeIC&printsec=frontcover#v=onepage&q&f=false आधुनिक भारत का आर्थिक इतिहास] (गूगल पुस्तक ; लेखक - धनपत पाण्डेय)
* [http://books.google.co.in/books?id=FFhd8ktl7XsC&dq=भारत+का+आर्थिक+इतिहास&sitesec=reviews प्राचीन भारत का सामाजिक एवं आर्थिक इतिहास] (गूगल पुस्तक ; लेखक - ओमप्रकाश प्रसाद)
* [http://www.iloveindia.com/history/economic-history.html Economic History of India]
* [http://azadi.me/node/270 अगर हम कभी अमीर थे, तो आज गरीब क्यों?]
* [http://www.bhaskar.com/article/INT-sea-of-churning-out-a-wealth-of-10-billion-2464911.html ब्रिटेन ने लूटा भारत का 1000 करोड़ का बेशकीमती खज़ाना !]
 
[[श्रेणी:अर्थव्यवस्था]]
 
 
 
[[en:Economy of India under the British Raj]]
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