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स्वपरीक्षित होने का मतलब यह नहीं कि आप परमात्मा हो गए! आप तो एक साधारण संपादक होने के लायक भी नहीं
(स्वपरीक्षित होने का मतलब यह नहीं कि आप परमात्मा हो गए! आप तो एक साधारण संपादक होने के लायक भी नहीं)
Sean, [http://meta.wikimedia.org/wiki/Steward_requests/Checkuser#SeanZCampbell.hi.wikipedia check this request].[[User:Bill william compton|<span style="text-shadow:gray 3px 3px 2px;"><font color="RED">&lt;&gt;&lt;<sup></sup>&nbsp;बिल विलियम कॉम्पटन</font></span>]]<sup>[[User talk:Bill william compton|<font color="#000000">वार्ता</font>]]</sup> 14:01, 14 मार्च 2013 (UTC)
:Thanks Bill for updating me on this. However, I choose not to respond to it since the "gentleman" requesting CU has not brought it to my notice. As per rules, isn't he supposed to do that? The nomination should fall on that ground alone. If not, let the sysops go ahead and take necessary actions. Regards, [[User:SeanZCampbell|शॉन]] ([[User talk:SeanZCampbell|वार्ता]]) 14:22, 14 मार्च 2013 (UTC)
 
==रोचक संवाद==
अहो! कितने रोचक संवाद हैं श्री विल बिलियम कॉम्प्टन और श्री SeanZCampbell महोदय के। लगता है दोनो के 'पूर्वजन्म' के सम्बन्ध हैं। अन्यथा पाँच मिनट में स्वपरीक्षित सदस्य बनने का गौरव आज तक दुनिया में किसको मिला है?-- <b>[[सदस्य:अनुनाद सिंह|<font color="blue">अनुनाद सिंह</font>]]</b><sup>[[सदस्य वार्ता:अनुनाद सिंह|<font color="green">वार्ता</font>]]</sup> 04:25, 19 मार्च 2013 (UTC)
:# आप बदतमीज़ है।
:#आपको मेरे वार्ता पृष्ठ पर अनाप-शनाप लिखने का हक किसी ने नहीं दिया है। आप अपनी बकवास चौपाल तक ही सीमित रखिए।
:# केवल इन्हीं दो कारणों से आपको यहाँ पर प्रतिबंधित कर दिया जाना चाहिए।
:# पूर्वजन्म में आपकी पूर्ण आस्था होगी - इस बात पर मुझे कभी संदेह नहीं था। इससे केवल आपकी रूढिवादी मानसिकता ही सामने आती है। भाढ में जाइए - [[User:SeanZCampbell|शॉन]] ([[User talk:SeanZCampbell|वार्ता]]) 04:33, 19 मार्च 2013 (UTC)
::::: भाई शॉन, किसी के वार्ता पृष्ठ पर लिखने का अधिकार सबको है। उसके लिए किसी अनुमति की आवश्यकता नहीं है। कल आप कबीर और 'धर्म की जय' की बात कर रहे थे (इसमें कम रूढ़िवादिता है क्या?)। आज अचानक उखड़े-उखड़े से क्यों लग रहे हैं। कल लिख रहे थे 'मुझ सा बुरा न कोय' और आज मुझे बुरा कहने लगे। 'पर उपदेश कुशल बहुतेरे' !!!!!-- <b>[[सदस्य:अनुनाद सिंह|<font color="blue">अनुनाद सिंह</font>]]</b><sup>[[सदस्य वार्ता:अनुनाद सिंह|<font color="green">वार्ता</font>]]</sup> 04:45, 19 मार्च 2013 (UTC)
::: शॉन, वैसे तो मैने कबीर को दकियानूस नहीं कहा। किन्तु उन्होने भी लिखा है, -''माया महा ठगिनि मै जानी, केशव के कमला हो बैठी शिव के भवन भवानी'' , आप बेहतर समझ सकते हैं कि वे कितने दकियानूस थे। -- <b>[[सदस्य:अनुनाद सिंह|<font color="blue">अनुनाद सिंह</font>]]</b><sup>[[सदस्य वार्ता:अनुनाद सिंह|<font color="green">वार्ता</font>]]</sup> 05:16, 19 मार्च 2013 (UTC)
 
:::: एक और अधिकार पर बात और और विचार कीजिए - आपको एक स्वपरीक्षित सदस्य के लेखों को बदलने का क्या अधिकार है???? इसके अलावा एक बार फिर वही प्रश्न - क्या स्वपरीक्षित अधिकार का मतलब दूसरे के बनाए लेखों की 'सफाई करना' है? आपको यह 'सफाई कर्मी' का अधिकार नहीं है। जरा शान्तिपूर्वक विचारिए और बताइए कि मेरी बात सही है या नहीं। -- <b>[[सदस्य:अनुनाद सिंह|<font color="blue">अनुनाद सिंह</font>]]</b><sup>[[सदस्य वार्ता:अनुनाद सिंह|<font color="green">वार्ता</font>]]</sup> 05:16, 19 मार्च 2013 (UTC)
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