"मार्टिन लूथर किंग" के अवतरणों में अंतर

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mujh ko jitna mujh pe
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(mujh ko jitna mujh pe)
सन्‌ 1959 में उन्होंने भारत की यात्रा की। डॉ. किंग ने अखबारों में कई आलेख लिखे। 'स्ट्राइड टुवर्ड फ्रीडम' (1958) तथा 'व्हाय वी कैन नॉट वेट' (1964) उनकी लिखी दो पुस्तकें हैं। सन्‌ 1957 में उन्होंने साउथ क्रिश्चियन लीडरशिप कॉन्फ्रेंस की स्थापना की। डॉ. किंग की प्रिय उक्ति थी- 'हम वह नहीं हैं, जो हमें होना चाहिए और हम वह नहीं हैं, जो होने वाले हैं, लेकिन खुदा का शुक्र है कि हम वह भी नहीं हैं, जो हम थे।' 4 अप्रैल, 1968 को गोली मारकर उनकी हत्या कर दी गई।
 
mujh ko
== इन्हें भी देखें ==
* [[अमेरिका में अश्वेतों का इतिहास]]
 
== वाह्य सूत्र ==
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