"कानपुर नगर जिला" के अवतरणों में अंतर

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कानपुर नगर के तथ्य हटाकर कानपुर नगर जिले के तथ्य डाले
(कानपुर नगर के तथ्य हटाकर कानपुर नगर जिले के तथ्य डाले)
{{India Districts
{{Infobox Indian Jurisdictions
|Name = कानपुर नगर
|type = शहर
|Local = کان پور شہر ضلع
|native_name = कानपुर
|state_name State = उत्तर प्रदेश
|Division = [[कानपुर मंडल|कानपुर]]
|nickname = पूर्व का मैन्चैस्टर
|HQ = उन्नाव
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|Map = Uttar Pradesh district location map Kanpur Nagar.svg
|skyline_caption = जे. के. मंदिर
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|LokSabha = [[कानपुर लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र|उन्नाव]]
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'''कानपुर नगर जिला''' ({{lang-en|Kanpur Nagar district}}, {{lang-ur|کان پور شہر ضلع}}) भारतीय राज्य [[उत्तर प्रदेश]] का एक [[जिला]] है। इसका मुख्यालय [[कानपुर]] है। यह जिला [[कानपुर मंडल]] का हिस्सा है। १९७७ में इस जिले से [[कानपुर देहात जिला]] अलग हो गया। १९७९ में पुनः इन दोनों जिलों का एकीकरण हुआ और एक बार फिर १९८१ में दोनों जिले अलग हो गए।
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|region = अवध
|district = [[कानपुर जिला|कानपुर नगर जिला]], [[कानपुर देहात जिला]]
|population_total = 2551337 (2001)[http://web.archive.org/web/20040616075334/www.censusindia.net/results/town.php?stad=A&state5=999]
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|sex_ratio = 0.869
|literacy = 77.63
|official_languages = हिन्दी
|leader_title_1 = [[महापौर]]
|leader_name = जगतवीर सिंह द्रोण<br />([[भारतीय जनता पार्टी|भा.ज.पा]] के सदस्य)
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|vehicle_code_range = UP-78
|unlocode = INKNU
|website = www.kanpurnagar.nic.in
|footnotes =
}}<!-- {{Infobox Indian Jurisdiction |
| नगर का नाम = कानपुर
| प्रकार = जिला
| latd = 26.4
| longd=80.3
| प्रदेश = उत्तर प्रदेश
| जिला = [[कानपुर जिला]]
| शासक पद = [[महापौर]]
| शासक का नाम = रवींद्र पाटनी
| शासक पद 2 = [[नगर पालिका अध्यक्ष]]
| शासक का नाम 2 = बादल चटर्जी
| ऊँचाई = 126
| जनगणना का वर्ष = 2001
| जनगणना स्तर =
| जनसंख्या = ४,४४०,४८९
| घनत्व = 4200
| क्षेत्रफल = 1040
| दूरभाष कोड = 32
| पिनकोड = 91-512
| वाहन रेजिस्ट्रेशन कोड = UP 78
| unlocode =
| वेबसाइट = http://kanpurnagar.nic.in
| skyline = Kanpur_Central_%281%29.JPG
| skyline_caption = [[कानपुर सेंटल रेलवे स्टेशन]] छावनी ओर इमारत
| टिप्पणियाँ = |
}} -->
 
==शहर और मोहल्ले==
'''कानपुर''' [[भारतवर्ष]] के उत्तरी राज्य [[उत्तर प्रदेश]] का एक प्रमुख औद्योगिक नगर है। यह नगर [[गंगा]] नदी के दक्षिण तट पर बसा हुआ है। प्रदेश की राजधानी [[लख्ननऊ]] से ८० किलोमीटर पश्चिम स्थित यहाँ नगर प्रदेश की औद्योगिक राजधानी के नाम से भी जाना जाता है। ऐतिहासिक और पौराणिक मान्यताओं के लिए चर्चित ब्रह्मावर्त ([[बिठूर]]) के उत्तर मध्य में स्थित ध्रुवटीला त्याग और तपस्या का संदेश दे रहा है। '''कानपुर''' [[उत्तर प्रदेश]] का सबसे विशाल नग‍र है।
कानपुर नगर के महत्वपूर्ण शहर और कस्बें निम्न है-
 
* उत्तरी कानपुर - [[बिठूर]], मंधना, कल्याणपुर
== इतिहास ==
* पश्चिमी कानपुर - रावतपुर, पनकी
माना जाता है कि इस शहर की स्थापना सचेन्दी राज्य के राजा हिन्दू सिंह ने की थी। कानपुर का मूल नाम 'कान्हपुर' था। नगर की उत्पत्ति का सचेंदी के राजा हिंदूसिंह से, अथवा [[महाभारत]] काल के वीर कर्ण से संबद्ध होना चाहे संदेहात्मक हो पर इतना प्रमाणित है कि अवध के नवाबों में शासनकाल के अंतिम चरण में यह नगर पुराना कानपुर, पटकापुर, कुरसवाँ, जुही तथा सीमामऊ गाँवों के मिलने से बना था। पड़ोस के प्रदेश के साथ इस नगर का शासन भी कन्नौज तथा कालपी के शासकों के हाथों में रहा और बाद में मुसलमान शासकों के। १७७३ से १८०१ तक अवध के नवाब अलमास अली का यहाँ सुयोग्य शासन रहा।
* पूर्वी कानपुर - [[जाजमऊ]], चकेरी, रूमा
* दक्षिणी कानपुर - गोविन्द नगर, किदवई नगर, नौबस्ता, बर्रा, यशोदा नगर, श्याम नगर, हंसपुरम, जरौली, दामोदर नगर, कोयला नगर, तात्याटोपे नगर
* मध्य कानपुर - सिविल लाइन्स, कानपुर छावनी, नवाबगंज, जनरलगंज, स्वरुप नगर, अनवरगंज, गुमटी, परेड, कर्नलगंज, पटकापुर
 
==जनसांख्यिकी==
१७७३ की संधि के बाद यह नगर अंग्रेजों के शासन में आया, फलस्वरूप १७७८ ई. में यहाँ अंग्रेज छावनी बनी।
[[भारत की जनगणना २०११|२०११ की जनगणना]] के अनुसार कानपुर नगर जिले की आबादी ४,५७२,९५१ है। यह इसे भारत के ६४० जिलों में ३२वा स्थान देता है। इस जिले का घनत्व १४४९ प्रति वर्ग कि.मी. है। २००१-२०११ के दौरान जनसँख्या में ९.७२% की वृद्धि दर्ज की गयी। यहाँ की लिंगानुपात दर प्रति १००० पुरषों पर ८५२ महिलाओं की है। साक्षरता दर ८१.३१% है।<ref name=districtcensus>{{cite web | url = http://www.census2011.co.in/district.php | title = जिलावार जनगणना २०११ | accessdate = 2011-09-30 | year = 2011 | publisher = Census2011.co.in}}</ref>
गंगा के तट पर स्थित होने के कारण यहाँ यातायात तथा उद्योग धंधों की सुविधा थी। अतएव अंग्रेजों ने यहाँ उद्योग धंधों को जन्म दिया तथा नगर के विकास का प्रारंभ हुआ। सबसे पहले [[ईस्ट इंडिया कंपनी]] ने यहाँ [[नील]] का व्यवसाय प्रारंभ किया। १८३२ में [[ग्रैंड ट्रंक सड़क]] के बन जाने पर यह नगर [[इलाहाबाद]] से जुड़ गया। १८६४ ई. में [[लखनऊ]], [[कालपी]] आदि मुख्य स्थानों से सड़कों द्वारा जोड़ दिया गया। [[ऊपरी गंगा नहर]] का निर्माण भी हो गया। यातायात के इस विकास से नगर का व्यापार पुन: तेजी से बढ़ा।
 
==सन्दर्भ==
[[भारतीय स्वतंत्रता का प्रथम संग्राम्|विद्रोह]] के पहले नगर तीन ओर से छावनी से घिरा हुआ था। नगर में जनसंख्या के विकास के लिए केवल दक्षिण की निम्नस्थली ही अवशिष्ट थी। फलस्वरूप नगर का पुराना भाग अपनी सँकरी गलियों, घनी आबादी और अव्यवस्थित रूप के कारण एक समस्या बना हुआ है। १८५७ के विद्रोह के बाद छावनी की सीमा नहर तथा जाजमऊ के बीच में सीमित कर दी गई; फलस्वरूप छावनी की सारी उत्तरी-पश्चिमी भूमि नागरिकों तथा शासकीय कार्य के निमित्त छोड़ दी गई। १८५७ के स्वतंत्रता संग्राम में [[मेरठ]] के साथ-साथ कानुपर भी अग्रणी रहा। [[नाना साहब]] की अध्यक्षता में भारतीय वीरों ने अनेक अंग्रेजों को मौत के घाट उतार दिया। इन्होंने नगर के अंग्रेजों का सामना जमकर किया किंतु संगठन की कमी और अच्छे नेताओं के अभाव में ये पूर्णतया दबा दिए गए।
{{टिप्पणीसूची}}
 
{{Geographic location
शांति हो जाने के बाद विद्रोहियों को काम देकर व्यस्त रखने के लिए तथा नगर का व्यावसायिक दृष्टि से उपयुक्त स्थिति का लाभ उठाने के लिए नगर में उद्योग धंधों का विकास तीव्र गति से प्रारंभ हुआ। १८५९ ई. में नगर में रेलवे लाइन का संबंध स्थापित हुआ। इसके पश्चात् छावनी की आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए सरकारी [[चमड़ा|चमड़े]] का कारखाना खुला। १८६१ ई. में [[सूती वस्त्र]] बनाने की पहली मिल खुली। क्रमश: रेलवे संबंध के प्रसार के साथ नए-नए कई कारखाने खुलते गए। [[द्वितीय विश्वयुद्ध]] के पश्चात् नगर का विकास बहुत तेजी से हुआ। यहाँ मुख्य रूप से बड़े उद्योग-धंधों में सूती वस्त्र उद्योग प्रधान था। चमड़े के कारबार का यह उत्तर भारत का सबसे प्रधान केंद्र है। [[ऊनी वस्त्र]] उद्योग तथा [[जूट]] की दो मिलों ने नगर की प्रसिद्धि को अधिक बढ़ाया है। इन बड़े उद्योगों के अतिरिक्त कानपुर में छोटे-छोटे बहुत से कारखानें हैं। प्लास्टिक का उद्योग, इंजिनियरिंग तथा इस्पात के कारखाने, बिस्कुट आदि बनाने के कारखाने पूरे शहर में फैले हुए हैं। १६ सूती और दो ऊनी वस्त्रों में मिलों के सिवाय यहाँ आधुनिक युग के लगभग सभी प्रकार के छोटे बड़े कारखाने थे।
|Centre = कानपुर नगर जिला
 
|North = [[हरदोई जिला]]
==कानपुर छावनी==
|Northeast =
कानपुर छावनी कानपुर नगर में ही है। सन् १७७८ ई. में अंग्रेजी छावनी बिलग्राम के पास फैजपुर 'कंपू' नामक स्थान से हटकर कानपुर आ गई। छावनी के इस परिवर्तन का मुख्य कारण कानपुर की व्यावसायिक उन्नति थी। व्यवसाय की प्रगति के साथ इस बात की विशेष आवश्यकता प्रतीत होने लगी कि यूरोपीय व्यापारियों तथा उनकी दूकानों और गोदामों की रक्षा के लिए यहाँ फौज रखी जाए। अंग्रेजी फौज पहले जुही, फिर वर्तमान छावनी में आ बसी। कानपुर की छावनी में पुराने कानपुर की सीमा से जाजमऊ की सीमा के बीच का प्राय: सारा भाग सम्मिलित था। कानपुर के सन् १८४० ई. के मानचित्र से विदित होता है कि उत्तर की ओर पुराने कानपुर की पूर्वी सीमा से [[जाजमऊ]] तक गंगा के किनारे-किनारे छावनी की सीमा चली गई थी। पश्चिम में इस छावनी की सीमा उत्तर से दक्षिण की ओर भैरोघोट के सीसामऊ तक चली गई थी। यहाँ से यह वर्तमान मालरोड (महात्मा गांधी रोड) के किनारे-किनारे पटकापुर तक चली गई थी। फिर दक्षिण-पश्चिम की ओर मुड़कर क्लेक्टरगंज तक पहुँचती थी। वहाँ से यह सीमा नगर के दक्षिण-पश्चिमी भाग को घेरती हुई दलेलपुरवा पहुँचती थी और यहाँ से दक्षिण की ओर मुड़कर ग्रैंड ट्रंक रोड के समांतर जाकर जाजमऊ से आनेवाली पूर्वी सीमा में जाकर मिल जाती थीं। छावनी के भीतर एक विशाल शस्त्रागार तथा यूरोपियन अस्पताल था। परमट के दक्षिण में अंग्रेजी पैदल सेना की बैरक तथा परेड का मैदान था। इनके तथा शहर के बीच में कालीपलटन की बैरकें थीं जो पश्चिम में सूबेदार के तालाब से लेकर पूर्व में क्राइस्ट चर्च तक फैली हुई थीं। छावनी के पूर्वी भाग में बड़ा तोपखाना था तथा एक अंग्रेजी रिसाला रहता था। १८५७ के विद्रोह के बाद छावनी की प्राय: सभी इमारतें नष्ट कर दी गईं। विद्रोह के बाद सीमा में पुन: परिवर्तन हुआ। छावनी का अधिकांश भाग नागरिकों को दे दिया गया। इ
|East = [[उन्नाव जिला]]
 
|Southeast = [[फतेहपुर जिला]]
स समय छावनी की सीमा उत्तर में गंगा नदी, दक्षिण में ग्रैंड ट्रंक रोड तथा पूर्व में जाजमऊ है। पश्चिम में लखनऊ जानेवाली रेलवे लाइन के किनारे-किनारे माल रोड पर पड़नेवाले नहर के पुल से होती हुई फूलबाग के उत्तर से गंगा के किनारे हार्नेस फैक्टरी तक चली गई है। छावनी के मुहल्लों-सदरबाजार, गोराबाजार, लालकुर्ती, कछियाना, शुतुरखाना, दानाखोरी आदि-के नाम हमें पुरानी छावनी के दैनिक जीवन से संबंध रखनेवाले विभिन्न बाजारों की याद दिलाते हैं।
|South = [[हमीरपुर जिला, उत्तर प्रदेश|हमीरपुर जिला]]
 
|Southwest =
आजकल छावनी की वह रौनक नहीं है जो पहले थी। उद्देश्य पूर्ण हो जाने के कारण अंग्रेजों के काल में ही सेना का कैंप तोड़ दिया गया, पर अब भी यहाँ कुछ सेनाएँ रहती हैं। बैरकों में प्राय: सन्नाटा छाया हुआ है। छावनी की कितनी ही बैरकें या तो खाली पड़ी हुई हैं या अन्य राज्य कर्मचारी उनमें किराए पर रहते हैं। मेमोरियल चर्च, कानपुर क्लब और लाट साहब की कोठी (सरकिट हाउस) के कारण यहाँ की रौनक कुछ बनी हुई है। छावनी का प्रबंध कैंटूनमेंट बोर्ड के सुपुर्द है जिसके कुछ चुने हुए सदस्य होते हैं।
|West = [[कानपुर देहात जिला]]
 
|Northwest = [[कन्नौज जिला]]
== दंतकथा ==
}}
मान्यता है इसी स्थान पर ध्रुव ने जन्म लेकर परमात्मा की प्राप्ति के लिए बाल्यकाल में कठोर तप किया और ध्रुवतारा बनकर अमरत्व की प्राप्ति की। रखरखाव के अभाव में टीले का काफी हिस्सा गंगा में समाहित हो चुका है लेकिन टीले पर बने दत्त मंदिर में रखी तपस्या में लीन [[ध्रुव]] की प्रतिमा अस्तित्व खो चुके प्राचीन मंदिर की याद दिलाती रहती है। बताते हैं गंगा तट पर स्थित ध्रुवटीला किसी समय लगभग १९ बीघा क्षेत्रफल में फैलाव लिये था। इसी टीले से टकरा कर गंगा का प्रवाह थोड़ा रुख बदलता है। पानी लगातार टकराने से टीले का लगभग १२ बीघा हिस्सा कट कर गंगा में समाहित हो गया। टीले के बीच में बना ध्रुव मंदिर भी कटान के साथ गंगा की भेंट चढ़ गया। बुजुर्ग बताते हैं मंदिर की प्रतिमा को टीले के किनारे बने दत्त मंदिर में स्थापित कर दिया गया। पेशवा काल में इसकी देखरेख की जिम्मेदारी राजाराम पंत मोघे को सौंपी गई। तब से यही परिवार दत्त मंदिर में पूजा अर्चना का काम कर रहा है। मान्यता है ध्रुव के दर्शन पूजन करने से त्याग की भावना बलवती होती है और जीवन में लाख कठिनाइयों के बावजूद काम को अंजाम देने की प्रेरणा प्राप्त होती है।
{{coord|26|27|36|N|80|19|48|E|region:IN-UP_type:adm2nd_source:kolossus-nowiki|display=title}}
 
== कानपुर के दर्शनीय स्थल ==
{{main|कानपुर के दर्शनीय स्थल }}
नानाराव पार्क (कम्पनी बाग), चिड़ियाघर, राधा-कृष्ण मन्दिर, सनाधर्म मन्दिर, काँच का मन्दिर, श्री हनुमान मन्दिर पनकी, सिद्धनाथ मन्दिर, जाजमऊ आनन्देश्वर मन्दिर परमट, जागेश्वर मन्दिर चिड़ियाघर के पास, सिद्धेश्वर मन्दिर चौबेपुर के पास, बिठूर साँई मन्दिर,shivrajpur kmain prasidh bhgwan shiv ka mandir"lodheswarji"patit pawani GANGA ke tat per गंगा बैराज, [[छत्रपति साहूजी महाराज विश्वविद्यालय]] (पूर्व में कानपुर विश्वविद्यालय), [[भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर|भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान]], [[हरकोर्ट बटलर प्रौद्योगिकी संस्थान]] (एच.बी.टी.आई.), [[चन्द्रशेखर आजाद कृषि एवँ प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय]], ब्रह्मदेव मंदिर इत्यादि।
 
=== [[जाजमऊ]] ===
जाजमऊ को प्राचीन काल में सिद्धपुरी नाम से जाना जाता था। यह स्थान पौराणिक काल के राजा ययाति के अधीन था। वर्तमान में यहां सिद्धनाथ और सिद्ध देवी का मंदिर है। साथ ही जाजमऊ लोकप्रिय सूफी संत मखदूम शाह अलाउल हक के मकबरे के लिए भी प्रसिद्ध है। इस मकबरे को 1358 ई. में फिरोज शाह तुगलक ने बनवाया था। 1679 में कुलीच खान की द्वारा बनवाई गई मस्जिद भी यहां का मुख्य आकर्षण है। 1957 से 58 के बीच यहां खुदाई की गई थी जिसमें अनेक प्राचीन वस्तुएं प्राप्त हुई थी।
 
=== [[राधा कृष्ण मंदिर, कानपुर|श्री राधाकृष्ण मंदिर]] ===
यह मंदिर जे. के. मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। बेहद खूबसूरती से बना यह मंदिर जे. के. ट्रस्ट द्वारा बनवाया गया था। प्राचीन और आधुनिक शैली से निर्मित यह मंदिर कानपुर आने वाले देशी-विदेशी पर्यटकों के आकर्षण का केन्द्र रहता है। यह मंदिर मूल रूप से श्रीराधाकृष्ण को समर्पित है। इसके अलावा श्री लक्ष्मीनारायण, श्री अर्धनारीश्वर, नर्मदेश्वर और श्री हनुमान को भी यह मंदिर समर्पित है।ram
 
=== [[जैन ग्लास मंदिर, कानपुर|जैन ग्लास मंदिर]] ===
वर्तमान में यह मंदिर पर्यटकों के आकर्षण का केन्द्र बन गया है। यह खूबसूरत नक्कासीदार मंदिर कमला टॉवर के विपरीत महेश्वरी मोहाल में स्थित है। मंदिर में ताम्रचीनी और कांच की सुंदर सजावट की गई है।
 
=== [[कमला रिट्रीट]] ===
कमला रिट्रीट एग्रीकल्चर कॉलेज के पश्चिम में स्थित है। इस खूबसूरत संपदा पर सिंहानिया परिवार का अधिकार है। यहां एक स्वीमिंग पूल बना हुआ है, जहां कृत्रिम लहरें उत्पन्न की जाती है। यहां एक पार्क और नहर है। जहां चिड़ियाघर के समानांतर बोटिंग की सुविधा है। कमला रिट्रीट में एक संग्रहालय भी बना हुआ है जिसमें बहुत सी ऐतिहासिक और पुरातात्विक वस्तुओं का संग्रह देखा जा सकता है। यहां जाने के लिए डिप्टी जनरल मैनेजर की अनुमति लेना अनिवार्य है।
 
=== [[फूल बाग, कानपुर|फूल बाग]] ===
फूल बाग को गणेश उद्यान के नाम से भी जाना जाता है। इस उद्यान के मध्य में गणेश शंकर विद्यार्थी का एक मैमोरियल बना हुआ है। प्रथम विश्वयुद्ध के बाद यहां ऑथरेपेडिक रिहेबिलिटेशन हॉस्पिटल बनाया गया था। यह पार्क शहर के बीचों बीच मॉल रोड पर बना है।
 
=== [[एलेन फोरस्ट जू]] ===
1971 में खुला यह चिड़ियाघर देश के सर्वोत्तम चिड़ियाघरों में एक है। क्षेत्रफल की दृष्टि से यह देश का तीसरा सबसे बड़ा चिड़ियाघर है और यहाँ 1250 जानवर हैं। कुछ समय पिकनिक के तौर पर बिताने और जीव-जंतुओं को देखने के लिए यह चिड़ियाघर एक बेहतरीन जगह है।इस चिड़ियाघर में जल्द ही ट्राम ट्रेन चलाने की योजना है।<ref>[http://navbharattimes.indiatimes.com/lucknow/other-news/next-summer-will-train-at-kanpur-zoo/articleshow/22009828.cms अगली गर्मियों में चलेगी कानपुर जू में ट्रेन]</ref>
 
=== [[कानपुर मैमोरियल चर्च]] ===
1875 में बना यह चर्च लोम्बार्डिक गोथिक शैली में बना हुआ है। यह चर्च उन अंग्रेजों को समर्पित है जिनकी 1857 के विद्रोह में मृत्यु हो गई थी। ईस्ट बंगाल रेलवे के वास्तुकार वाल्टर ग्रेनविले ने इस चर्च का डिजाइन तैयार किया था।
 
=== [[नाना राव पार्क]] ===
नाना राव पार्क फूल बाग से पश्चिम में स्थित है। 1857 में इस पार्क में बीबीघर था। आजादी के बाद पार्क का नाम बदलकर नाना राव पार्क रख दिया गया।
 
== आवागमन ==
;वायु मार्ग
[[लखनऊ]] का [[अमौसी अंतर्राष्ट्रीय विमानक्षेत्र|अमौसी]] यहां का निकटतम अंतरराष्ट्रीय [[हवाई अड्डा]] है, जो लगभग ६५ किमी. की दूरी पर है। कानपुर का अपना भी एक [[हवाई अड्डा]] है लेकिन वो केवल दिल्ली और लखनऊ से ही जुड़ा हुआ है।
;रेल मार्ग
[[कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन]] देश के विभिन्न हिस्सों से अनेक रेलगाड़ियों के माध्यम से जुड़ा हुआ है। [[दिल्ली]], [[झाँसी]], [[मथुरा]], [[आगरा]], [[बांदा]], [[जबलपुर]] आदि शहरों से यहाँ के लिए नियमित रेलगाड़ियाँ हैं। शताब्दी, राजधानी, नीलांचल, मगध विक्रमशिला, वैशाली, गोमती, संगम, पुष्पक आदि ट्रेनें कानपुर होकर जाती हैं।
;सड़क मार्ग
देश के प्रमुख शहरों से कानपुर सड़क मार्ग से जुड़ा हुआ है। राष्ट्रीय राजमार्ग 2 इसे दिल्ली, [[इलाहाबाद]], आगरा और [[कोलकाता]] से जोड़ता है, जबकि राष्ट्रीय राजमार्ग 25 कानपुर को लखनऊ, झांसी और [[शिवपुरी]] आदि शहरों से जोड़ता है।
 
== शिक्षण संस्थान ==
* [[भारतीय दलहन अनुसन्धान संस्थान]]
* [[भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर]]
* [[राष्ट्रीय शर्करा संस्था]]
* [[गणेश संकर विद्यार्थी मेडीकल कालेज]]
* [[ओ एफ आइ सी कानपुर]]
 
== कुछ तथ्य ==
{| class="wikitable"
|भूगोलीय क्षेत्रफल
|1,040 Sq.Km.
|-
|निर्देशांक
|26.460738° N - 80.333405° E
|-
|दूरभाष कोड
| 0512
|-
|वाहन कोड
|UP-78
|-
|जनसंख्या-जिला
|4४,37,489 ([[इलाहाबाद जिला]] के बाद दूसरा सर्वाधिक जनसंख्या वाला जिला, गणना 2001)
|-
|पुरुष संख्या
|2,213,955
|-
|स्त्री संख्या
|1,923,534
|-
|साक्षरता
|77.63 %
|-
|लिंग अनुपात
|869 No.per 1000 Male
|-
|जनसंख्या घनत्व
|1366 Per Sq. Km.
|-
|तहसील
|3
|-
|समिति ब्लॉक
|10
|-
|कस्बे
|10
|-
|वार्ड
|110
|-
|ग्राम
|823
|-
|ग्राम सभा
|658
|-
|न्याय पंचायत
|97
|-
|विद्युतिकृत ग्राम
|1408
|-
!शैक्षिक संस्थान
|२९
|-
|कनिष्ठ प्राथमिक विद्यालय
|1520
|-
|वरिष्ठ प्राथमिक विद्यालय
|375
|-
|उच्चतर माध्यमिक विद्यालय
|121
|-
|स्नातक महाविद्यालय
|20
|-
|राजकीय स्नातक महाविद्यालय
|2
|-
|विश्वविद्यालय
|2
|-
|बहुधंधी संस्था
|5
|-
|औद्योगिक प्रशिक्शःअण संस्थान
|2
|-
|DIET सैनिक विद्यापीठ
|2
|-
!साक्षरता दर
|-
|पुरुष
|82.08 %
|-
|स्त्री
|72.50 %
|-
!ग्रामीण
|-
|पुरुष
|48.6 %
|-
|स्त्री
|19.05 %
|-
!शहरी
|-
|पुरुष
|76.8 %
|-
|स्त्रियां
|62.4 %
|-
|विद्यालय परिसर
|991
|-
|अनौपचारिक शिक्षण केन्द्र
|600
|-
|}
 
== अंतर्राष्ट्रीय संबंध ==
{| class="wikitable" border="1" style="font-size:100%; background:#FFFFEF; float:left;"
|-
! City
! Flag
! Country
|-
| [[मैनचेस्टर]]
| {{flag|UK}}
| [[यूनाइटेड किंगडम]]
<ref>{{cite web| url=http://www.servinghistory.com/topics/Kanpur| title=235 Related Topics about Kanpur.| accessdate=2012-01-10}}</ref>
|-
| [[सैन जोस, कैलिफोर्निया]]
| {{flag|USA}}
| [[संयुक्त राज्य अमेरिका]]
|-
| [[मिल्वौकी, विस्कॉन्सिन]]
| {{flagicon|USA}}
| [[संयुक्त राज्य अमेरिका]]
<ref>{{cite web| url=http://milwaukee.legistar.com/MeetingDetail.aspx?ID=173633&GUID=9230474B-A34F-4360-974A-DF7F0EF0E344&Search=| title=Presentation on the City of Kanpur, India relative to establishing a friendly exchange leading to a sister city relationship with the University of Wisconsin-Milwaukee, given by Dr. Pradeep K. Rohatgi.| accessdate=2012-01-04}}</ref>
|-
| [[ओसाका]]
| {{flagicon|Japan}}
| [[जापान]]
<ref>{{cite web| url=http://www.servinghistory.com/topics/Kanpur| title=235 Related Topics about Kanpur.| accessdate=2012-01-10}}</ref>
|-
| [[येकतेरिन्बुर्ग]]
| {{flagicon|Russia}}
| [[रूस]]
<ref>{{cite web| url=http://www.servinghistory.com/topics/Yekaterinburg::sub::International_Relations| title=178 Related Topics about Yekaterinburg.| accessdate=2012-01-10}}</ref>
|-
| [[फैसलाबाद]]
| {{flagicon|Pakistan}}
| [[पाकिस्तान]]
|}
{{clear}}
 
== यह भी देखें ==
* [[उत्तर प्रदेश]]
* [[भारत के शहर]]
== References ==
<references/>
 
{{कानपुर}}{{उत्तर प्रदेश }}{{भारत के जिले}}
 
[[श्रेणी:उत्तर प्रदेश]]
[[श्रेणी:उत्तर प्रदेश के शहर]]
9,327

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