"सरोज खान": अवतरणों में अंतर

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. सरोज खान की माँ और पिताजी क्रिश्छन्द् साधु सिंह और नोनी साधु सिंह है। निर्मला जो सरोज खान के नाम से प्रसिद है उन्के माता-पिता भारत के विभाजन के बाद भारत चले आए थे। वह एक मुस्लिम से शादी की है। उन्का नाम रदार रोशन खान है और वहि से उन्क अन्तिम नाम खान अता है। उन्होने नृत्य कि शिक्श बी सोहनलाल से ली। एक पाकिस्तानी टीवी शो पर अपने खुद के इकबालिया बयान के अनुसार वे इस्लाम को शादि से पहले ही कूबुल कर लिय था और अभी एक मुसल्मन है। तेरह साल कि उम्र मे उन्होने बी सोहन्लाल से शादि करली जो कि उस समय के एक प्रसिद्ध नृत्य गुरु थे। सोहन लाल (४१ साल) पहले हि शादि शुद थे और उन्हे ४ बच्चों भी थे। चौदह साल की उम्र में उन्होने अप्ने पहले बच्चे हामिद खान को जनम दिय,जो अब राजू खान के नाम से एक प्रसिद्ध कोरियोग्राफर है। १९६५ में वह सोहन्लाल् से अलग होई, लेकिन उनके सहायक के रूप में काम करती रही त्थी। सोहन्लाल और सरोज खान क पुनर्मिलन होआ जब सोहन्लाल को दिल का दौरा पदा था। सरोज खान को सोहन्लाल से और एक बच्चा होआ उन्की बेटी हिना खान (कोयल) । सोहन्लाल सरोज खान और उन्के दो बच्चों को पीछे छोड़कर् माद्रस छले गये। उसके बाद वह सरदार रोशन खान के साथ शादी कि और सुकय्ना खान नाम के एक बेटी को जन्म दिया। जो अब दुबई में एक नृत्य संस्थान चलाती है।
 
==व्यवसाय==
वह फिल्म नज़राना में तीन साल की उम्र में एक बाल कलाकार के रूप में अपने वह फिल्म नज़्राना में तीन साल की उम्र में एक बाल कलाकार के रूप में अपने व्यवसाय की शुरुआत कि और उस किर्दार का नाम श्यामा था। वह नगीना चलचित्र "मैं तेरी दुश्मन" के लिए बहुत् प्रसिद्धि मिलि थी। उन्होने दुबै मे नृत्य संस्था शोरु की २९ नवम्बर्(२००९)
पृष्ठभूमि नर्तकी के रुप मे (१९५०)'स से शुरुवात कि। फिल्म कोरियोग्राफर बी सोहन्लाल् के तहत काम करति होइ उन्होने नृत्य सीखा। बाद में वह खुद कोरियोग्राफ के रुप मे अप्ने व्यवसाय कि शुरुवात कि थी। पहले एक सहायक कोरियोग्राफर के रूप में और बाद में एक स्वतंत्र कोरियोग्राफर के रूप में गीता मेरे नाम (१९७४) मे शुरुवात कि थी। हालांकि, उन्को ख्याति प्रप्त करने के लिये कई साल इन्तज़र करना पड़ा था लेकिन श्री देवी के साथ मिस्टर इंडिया में इन हवाई (१९८७) और चांदनी (१९८९) के गनो कि कोरियोग्राफि के सात उन्हे ख्याति मिलि थी। बाद में माधुरी दीक्षित के साथ, तेजाब में एक दो तीन (१९८८) थानेदार में तम्मा तम्मा लोगे (१९९०) और बीटा मे धक धक करने लग (१९९२) मे ज़बर्दस्त हिट गने दिये थे। इसके बाद वह सबसे सफल बॉलीवुड कोरियोग्राफरों में से एक बन गई थी। २०१३ मे गुलाब गङ् में फिर माधुरी दीक्षित के साथ काम किया है।<ref>http://articles.timesofindia.indiatimes.com/2013-05-22/news-interviews/39444524_1_indian-dance-saroj-khan-choreographer ंधु</ref>
 
==टेलीविजन उपस्थिति==
#जब वी मेट २००७
#गुरु २००७
 
==सन्दर्भ==
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