"वैदिकी हिंसा हिंसा न भवति" के अवतरणों में अंतर

सम्पादन सारांश रहित
:दोहा - बहु बकरा बलि हित कटैं, जाके। बिना प्रमान।
:सो हरि की माया करै, सब जग को कल्यान ।।
== कथानक ==
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