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{{ज्ञानसन्दूक
| title= आकाशगंगा
| image= [[चित्र:236084main MilkyWay-full-annotated.jpg|200px]]
| caption= यह आकाशगंगा (हमारी [[गैलेक्सी]]) का एक काल्पनिक चित्र जिसपर कुछ भुजाओं के नाम लिखे हुए हैं - हम इसकी एक भुजा में स्थित हैं इसलिए ऐसा दृश्य वास्तव में नहीं देख सकते, हालांकि वैज्ञानिक रूप से हम जानते हैं की नज़ारा ऐसा ही होगा।
| titlestyle=background: #30D5C8lc;
| headerstyle=background:
| data9= {{convert|27.2|+/-|1.1|kly|kpc|abbr=on|lk=off}}
| label10= ग्रहों की संख्या
| data10= अनगिनत
| label11=उम्र
| data11=
| label12= अन्यसमीप (लिखें)की आकाशगंगा
| data12= [[एन्ड्रोमिडा]]
| label13= अन्य (लिखें)
| data13=
| below=
}}
[[चित्र:Milky Way IR Spitzer.jpg|thumb|[[स्पिट्ज़र अंतरिक्ष दूरबीन]] से ली गयी हमारी आकाशगंगा के केन्द्रीय भाग की इन्फ़्रारेड प्रकाश की तस्वीर।]]
[[चित्र:Milky Way Arms.svg|thumb|अलग रंगों में आकाशगंगा की विभिन्न भुजाएँ।]]
[[चित्र:Perseid Meteor.jpg|thumb|अँधेरी रात में ज़मीन से ली गयी आकाशगंगा की तस्वीर।]]
[[चित्र:Phot-08a-99-hires.jpg|thumb|ऍन॰जी॰सी॰ १३६५ (एक [[सर्पिल गैलेक्सी]]) - अगर आकाशगंगा की दो मुख्य भुजाएँ हैं जो उसका आकार इस जैसा होगा।]]
'''आकाशगंगा''', '''मिल्की वे''', '''क्षीरमार्ग''', '''मन्दाकिनी''' या '''मन्दाकिनीदुग्ध मेखला''' हमारी [[गैलेक्सी]] को कहते हैं, जिसमें [[पृथ्वी]] और हमारा [[सौर मण्डल]] स्थित है। आकाशगंगा आकृति में एक [[सर्पिल गैलेक्सी|सर्पिल (स्पाइरल) गैलेक्सी]] है, जिसका एक बड़ा केंद्र है और उस से निकलती हुई कई वक्र भुजाएँ। हमारा सौर मण्डल इसकी [[शिकारी-हन्स भुजा]] (ओरायन-सिग्नस भुजा) पर स्थित है। आकाशगंगा में १०० अरब से ४०० अरब के बीच [[तारे]] हैं और अनुमान लगाया जाता है कि लगभग ५० अरब [[ग्रह]] होंगे, जिनमें से ५० करोड़ अपने तारों से जीवन-योग्य तापमान रखने की दूरी पर हैं।<ref>{{cite news|last=Borenstein|first=Seth|archivedate=2011-02-21|date=2011-02-19|archiveurl=http://www.webcitation.org/5wg3VVKg4|url=http://www.washingtonpost.com/wp-dyn/content/article/2011/02/19/AR2011021902211.html|title=Cosmic census finds crowd of planets in our galaxy|agency=[[Associated Press]]|newspaper=[[The Washington Post]]}}</ref> सन् २०११ में होने वाले एक सर्वेक्षण में यह संभावना पायी गई कि इस अनुमान से अधिक ग्रह हों - इस अध्ययन के अनुसार आकाशगंगा में तारों की संख्या से दुगने ग्रह हो सकते हैं।<ref>{{cite web|url=http://planetquest.jpl.nasa.gov/news/freePlanet.cfm|title=Free-Floating Planets May be More Common Than Stars|date=2011-02-18|publisher=NASA's Jet Propulsion Laboratory|location=Pasadena, CA|quote=The team estimates there are about twice as many of them as stars.}}</ref> हमारा सौर मण्डल आकाशगंगा के बाहरी इलाक़े में स्थित है और आकाशगंगा के केंद्र की परिक्रमा कर रहा है। इसे एक पूरी परिक्रमा करने में लगभग २२.५ से २५ करोड़ वर्ष लग जाते हैं।
 
== नाम ==
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