"कृष्ण" के अवतरणों में अंतर

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पृथ्वी पापियों के बोझ से पूर्णतः दब चुकी थी। समस्त देवताओं द्वारा बारम्बार भगवान विष्णु की प्रार्थना की जा रही थी। विष्णु ही ऐसे देवता थे, जो समय-समय पर विभिन्न अवतारों को ग्रहण कर पृथ्वी के भार को दूर करने में सक्षम थे क्योंकि प्रत्येक युग में भगवान विष्णु ने ही महत्वपूर्ण अवतार ग्रहण कर दुष्ट राक्षसों का संहार किया। वैवस्वत मन्वन्तर के अट्ठाईसवें द्वापर में भगवान विष्णु के अवतार श्रीकृष्ण अवतरित हुए।
 
''कृष्ण जी का जन्म'' कारागार में हुआ इनकी माता [[कंस]] की बहन [[देवकी]] तथा पिता [[वसुदेव]] थे। इनके आठ संतानों में से आठवे कृष्ण थे। <ref>http://hindi.webdunia.com/religion-occasion-janmashtami/%E0%A4%AD%E0%A4%97%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%A8-%E0%A4%B6%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%80%E0%A4%95%E0%A5%83%E0%A4%B7%E0%A5%8D%E0%A4%A3-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%9C%E0%A4%A8%E0%A5%8D%E0%A4%AE-%E0%A4%95%E0%A4%A5%E0%A4%BE-1130827064_1.htm</ref>
 
== श्रीकृष्ण से सृष्टि का आरंभ ==
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