"सीमा (गणित)" के अवतरणों में अंतर

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[[गणित]] में '''सीमा''' (limit) की संकल्पना (कांसेप्ट) एक अत्यन्त मौलिक संकलपना है। सीमा की संकल्पना के विकास के परिणामस्वरूप ही [[कैलकुलस]] का जन्म सम्भव हुआ। सीमा का उपयोग किसी [[फलन]] का [[अवकलन]] निकालने तथा किसी फलन के किसी बिन्दु पर [[सांतत्य]] (continuity) के परीक्षण में होता है।
 
गणित में सीमा काके दो अर्थ हैहैं -
*(१) किसी [[फलन]] की सीमा
 
*(२) '''किसी [[फलन]]श्रेढी की सीमा:'''
 
==किसी फलन की सीमा==
[[चित्र:Limit-at-infinity-graph.png|right|thumb|300px|अनन्त पर फलन की सीमा]]
जब उस फलन का कोई [[स्वतन्त्र चर]] किसी दिये हुए मान के अत्यन्त निकटवर्ती मान धारण करता है, उस स्थिति में फलन का मान उस फलन की '''सीमा''' कहलाती है। ध्यान रहे कि '''अत्यन्त निकटवर्ती मान''' बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि स्वतन्त्र चर राशि के कुछ मानो के लिये फलन का मान अगणनीय (indeterminate) हो सकता है। स्वतन्त्र चर का मान यादृच्छ रूप से (arbitrarily) बडा होने की स्थिति में फलन के मान को '''चर राशि के अनन्त की ओर अग्रसर होने पर फलन की सीमा''' कहते है।
 
२) '''==किसी श्रेढी की सीमा:'''==
 
किसी [[श्रेणी]] का सूचकांक (index) अनन्त रूप से बडा होने की दशा में उसके पदों (terms) का रूझान जिस मान की ओर होता है, उसे उस श्रेढी की सीमा कहते हैं।