"वसा" के अवतरणों में अंतर

343 बैट्स् जोड़े गए ,  6 वर्ष पहले
छो
छो (Bot: Migrating 58 interwiki links, now provided by Wikidata on d:q127980 (translate me))
प्रायः भोजन में एकलअसंतृप्त वसा और बहुअसंतृप्त वसा समान मात्र में हो तो ठीक रहता है। एलडिएल कोलेस्ट्रॉल घटाना हेतु, संतृप्त वसा कम कर दें और एकलअसंतृप्त वसा बढ़ा दें। एकलअसंतृप्त वसा के प्रमुख स्रोत मूंगफली, सरसों और जैतून के तेल हैं, जबकि करडी, सूरजमुखी, सोयाबीन और मकई के तेलों में बहुअसंतृप्त वसा अधिक होती है। कुछ पकवान एक प्रकार के और कुछ अन्य तेलों में बनाने चाहिये। इससे एकलअसंतृप्त और बहु-असंतृप्त वसा दोनों की पूर्ति होती रहती है।
 
दिन में कुल १५-२० ग्राम खाना पकाने का तेल ही प्रयोग करना चाहिये। वसा की शेष दैनिक जरूरत अनाज, दालों और सब्जियों से पूरी हो जाती है। बादाम, काजू और मूंगफली तथा दूध, पनीर और क्रीम में भी वसा प्रचुर मात्र में होती है।वसा वाले वनस्पति तेल में बने पकवान भी बार-बार गरम किए जाएं तो ये नुकसानदेह होते हैं। अच्छी सेहत के लिए व्यंजनों को तलें नहीं, बल्कि उन रेसिपी पर जोर दें जिनमें पकवान स्टीम, बेक या ग्रिल करके बनते हैं। याद रहे कि शरीर से वसा की मात्रा कम नही होनी चाहिए अन्यथा शरीर पहले से संचित वसा की मात्रा को रिलीज नही करेगा एवं वजन कभी कम नही होगा|
 
== सारणी ==
34

सम्पादन