"रामदेव" के अवतरणों में अंतर

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इस पर [[अन्ना हजारे]] ने अगले ही दिन राजघाट पर एक दिन की सांकेतिक [[सत्याग्रह]] की घोषणा की जिसमें हजारों की संख्या में सभी वर्गों के लोग एकत्र हुए। अन्ना हजारे ने कहा सिर्फ गोली ही तो नहीं चली वरना रामलीला और [[जलियांवाला बाग नरसंहार]] में क्या फर्क है?<ref name="Anna to fast in support of Baba Ramdev">{{cite news|url=http://www.hindustantimes.com/Anna-to-fast-in-support-of-Baba-Ramdev/Article1-706052.aspx|title=Anna to fast in support of Baba Ramdev|date=June 5, 2011|publisher=The Hindustan Times|accessdate=6 June 2011|location=New Delhi}}</ref> उन्होंने अगले १६ अगस्त से दूसरी आजादी के लिये सत्याग्रह प्रारम्भ करने की घोषणा भी कर दी। इस सबसे हटकर जो बयान प्रधान मन्त्री [[मनमोहन सिंह]] का आया उसने तो सरकार की रही सही कसर ही पूरी कर दी। [[मनमोहन सिंह]] ने कहा कि जिस प्रकार दिल्ली में लगातार भीड बढती जा रही थी उसे देखते हुए रातों-रात बल प्रयोग से रामलीला मैदान खाली करवाने के अतिरिक्त और कोई चारा ही न था।
 
सभी राजनीतिक दलों ने, जिनमें [[भाजपा]] के अतिरिक्त [[समाजवादी पार्टी]] और [[बहुजन समाज पार्टी]] भी शामिल थे, अपने-अपने वक्तव्यों से सरकार पर प्रहार किये। [[भारतीय जनता पार्टी]] ने ७-८ जून २०११ की रात में राजघाट पर रात्रि-जागरण करके अपनी सहानुभूति बाबा के प्रति दर्ज की। इसी बीच कांग्रेस का तत्काल वक्तव्य आया कि रामदेव [[राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ]] और भाजपा के एजेण्ट है और ये दोनों संस्थायें उसे सहायता पहुँचा रही हैं। काँग्रेस अध्यक्षा [[सोनिया गांधी]] का कोई वक्तव्य नहीं आया जबकि ४ अप्रैल को अन्ना हजारे के अनशन पर बैठते ही वह सबसे अधिक चिन्तित दिखायी दी थीं।थीं।उस दिन बाबा रामदेव की हत्या की साजिस भी रची गई जो की नाकाम होगया ।12 बजे रातको
एक संत सन्यासी की आन्दोलन में सरकार के द्वारा निहथो
लोगो पर लाठी चार्ज करना यह घटना भारत जैसे दुनिया के
महान लोकतान्त्रिक देश के लिए शर्म की बात था ।
बहुत ही बर्बरता पूर्ण और पूर्वाग्रही रूपसे यह कारबाही था ।
पर भी बाबा जी कल भी डटे थे और आज भी भ्रष्ट व्यवस्था
के खिलाफ ।
 
== प्रार्थना नहीं, अब रण होगा ==
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