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== जनसांख्यिकी ==
२००१ की जनगणना के अनुसार इस जिले की जनसंख्या ३३,९४,७९३ है जिसमें पुरुष की आबादी १७,६०,६९२ एवं १६,३४,१०१ स्त्रियाँ है। <ref>[http://samastipur.bih.nic.in/] समस्तीपुर एक नजर में</ref> १८·५२% जनसंख्या अनुसूचित जाति की तथा ०·१% जनसंख्या अनुसूचित जनजाति की है। मानव विकास सूचिकांक काफी नीचे है जिसकी पुष्टि इन आँकड़ो से होती है:-
* साक्षरता: ४५·१३% (पुरुष-५७·५९%, स्त्री- ३१·६७%)
* जनसंख्या वृद्धि दरः २·५२% (वार्षिक)
 
== शिक्षा ==
राष्ट्रीय स्तर पर ख्यातिप्राप्त [[राजेन्द्र कृषि विश्वविद्यालय]] <ref>[http://www.pusavarsity.org.in राजेन्द्र कृषि विश्वविद्यालय जालपृष्ठ]</ref> समस्तीपुर जिले में पूसा नामक स्थान पर है, इसके आलावा कोई अन्य उच्च स्तरीय तकनीकी शिक्षा संस्थान यहाँ नहीं है । प्राथमिक शिक्षा की स्थिति संतोषजनक है । २००१ की जनगणना के अनुसार जिले मे साक्षरता दर <ref> [http://gov.bih.nic.in/Profile/CensusStats-03.htm बिहार मे साक्षरता दर]</ref> ४५.६७% (पुरुष: ५७.८३, स्त्री: ३२.६९) है । समस्तीपुर तथा पूसा में केन्द्रीय विद्यालय तथा बेरौली में [[जवाहर नवोदय विद्यालय]] स्थित है। ललित नारायनण मिथिला विश्वविद्यालय दरभन्गा के अंतर्गत जिले में निम्नलिखित अंगीभूत डिग्री महाविद्यालय हैं:
* आचार्य नरेन्द्रदेव महाविद्यालय शाहपुर पटोरी
* बलिराम भगत महाविद्यालय समस्तीपुरज
* '''धोली महादेव मंदिर''': धोली महादेव मंदिर, ग्राम हरिहरपुर खेढ़ी, प्रखंड खानपुर, जिला समस्तीपुर, बिहार। यह बाबा का स्थान समस्तीपुर से २० किलोमीटर दूर स्थित हैं यहाँ के पास मैं मसिना कोठी हैं जो अंग्रेज के समय का कोठी हैं यहाँ पर उस समय मैं नील की खेती करवाते थे लेकिन देश आजाद होने के बाद यहाँ पर अब मक्के की खेती एवं अन्य फसल का अनुसन्धान केंद्र बन गया हैं यहाँ के द्वारा तैयार किया हुआ बीज दूर दूर तक पहुचाया जाता हैं । इसके निकट के गाँव भोरेजयराम हैं जिसकी खेती करने का जमीन २२ सो एकर के आस पास हैं जहा मक्के की खेती की जाती है । यह स्थान बूढी गंडक नदी के किनारे स्थित हैं
 
* '''करियनः''' महामहिषी कुमारिलभट्ट के शिष्य महान दार्शनिक उदयनाचार्य का जन्म ९८४ ईस्वी में शिवाजीनगर प्रखंड के करियन गाँव में हुआ था। उदयनाचार्य ने न्याय, दर्शन एवं तर्क के क्षेत्र में लक्षमणमाला, न्यायकुशमांजिली, आत्मतत्वविवेक, किरणावली आदि पुस्तकें लिखी जिनपर अनगिनत संस्थानों में शोध चल रहा है। दुर्भाग्य से यह महत्वपूर्ण स्थल सरकार की उपेक्षा का शिकार है। <ref> [http://in.jagran.yahoo.com/news/local/bihar/4_4_5447251_1.html] उदयनाचार्य की जन्मभूमि पर जागरण समाचार </ref>
 
* '''मालीनगर:''' यहाँ १८४४ में बना शिवमंदिर है जहाँ प्रत्येक वर्ष रामनवमी को मेला लगता है। मालीनगर [[हिंदी साहित्य]] के महान साहित्यकार [[बाबू देवकी नन्दन खत्री]] एवं शिक्षाविद राम सूरत ठाकुर की जन्म स्थली भी है। <ref>[http://en.wikipedia.org/wiki/Samastipur] अंग्रेजी विकिपीडिया पर समस्तीपुर</ref>
 
* '''मंगलगढ:''' यह स्थान हसनपुर से १४ किलोमीटर दूर है जहाँ प्राचीन किले का अवशेष है। यहाँ के स्थानीय शासक मंगलदेव के निमंत्रण पर [[महात्मा बुद्ध]] संघ प्रचार के लिए आए थे। उन्होंने यहाँ रात्रि विश्राम भी किया था। जिस स्थान पर बुद्ध ने अपना उपदेश दिया था वह बुद्धपुरा कहलाता था जो अब अपभ्रंश होकर दूधपुरा हो गया है।