"धातु" के अवतरणों में अंतर

15 बैट्स् नीकाले गए ,  6 वर्ष पहले
छो
पूर्णविराम (।) से पूर्व के खाली स्थान को हटाया।
छो (सन्दर्भ की स्थिति ठीक की।)
छो (पूर्णविराम (।) से पूर्व के खाली स्थान को हटाया।)
== रासायनिक गुण ==
 
धातु प्रायः रसायनिक रूप से क्रियाशील होते हैं ।हैं। हवा में आक्सीजन से संयोग कर धात्विक आक्साईड बनाते हैं ।हैं। सबसे ज्यादा क्रियाशील अल्कली धातु ([[सोडियम]], [[लीथियम]], [[पोटेशियम]] - वर्ग '''I''' के धातु) होते है जबकि उसके बाद अल्कली मृदा धातुओं ([[बैरेलियम]], [[मैग्नेशियम]], [[कैल्शियम]] - वर्ग II के धातु) का स्थान आता है ।है। उदाहरणार्थ -
 
:4Na + O<sub>2</sub> → 2Na<sub>2</sub>O (सोडियम ऑक्साईड)
:4Al + 3O<sub>2</sub> → 2Al<sub>2</sub>O<sub>3</sub> (अल्यूमीनियम ऑक्साईड)
 
संक्रमण धातुओं का ऑक्सीकरण अपेक्षाकृत धीरे से होता है ।है। धात्विक आक्साईड धातु के उपर एक परत बना लेते हैं, जैसे - लोहे में जंग लगना ।लगना। धात्विक ऑक्साईड क्षारीय होते हैं जबकि अधात्विक ऑक्साईड प्रधानतया अम्लीय ।अम्लीय।
 
[[हैलोजन|हैलोजनों]] से अभिक्रिया करते धातु धात्विक हैलाईड लवण बनाते हैं ।हैं। उदाहरणार्थ -
 
:2Na + Cl<sub>2</sub> → 2NaCl (सोडियम क्लोराईड - साधारण नमक)
:2Li + F<sub>2</sub> → 2LiF (लीथियम फ्लोराईड )
 
अधिक क्रियाशील धातु जल के साथ अभिक्रिया करके क्षार बनाते हैं और हाइड्रोजन गैस मुक्त करते हैं ।हैं।
:2Na + 2H<sub>2</sub>O → 2NaOH + H<sub>2</sub>
 
कम क्रियाशील धातु साधारण ताप पर जल से अभिक्रिया नहीं करते बल्कि वे तप्त अवस्था में भाप से अभिक्रिया करके धात्विक ऑक्साईड बनाते हैं ।हैं।
 
:Mg + H<sub>2</sub>O → MgO + H<sub>2</sub>
 
== भौतिक गुण ==
धातु [[आघातवर्धनीयता\आघातवर्धनीय]] होते हैं - इनको [[हथौड़ा|हथौड़े]] से पीटकर लम्बा किया जा सकता है ।है। जैसे किसी अल्यूमिनियम या तांबे के तार को पर प्रहार (आघात) करन से उसका प्रसार (वर्धन) होता है ।है। धातु तन्य भी होते हैं, यानि उन्हें खींचकर एक लम्बा तार बनाया जा सकता है ।है। अधातुओं में यह गुण नहीं पाया जाता है ।है। उदाहरणार्थ फास्फोरस को कितना भी खींचने पर वो लम्बे तार के रूप में नहीं बनाया जा सकता ।सकता। धातुओं का [[घनत्व]] भी उच्च होता है तथा इनमें एक विशेष प्रकार की चमक होती है जिसे 'धात्विक चमक' कहते हैं ।हैं।
 
अधिकतर धातुएँ भूरे श्वेत से लेकर चमकदार श्वेत रंग की होती हैं। [[स्वर्ण]] और [[ताम्र]] इसके अपवाद हैं। [[पारद]] को छोड़कर (गलनांक -38.87 सें.) और सारे धातु साधारण ताप पर ठोस हैं। [[सीजियम]] तथा [[गैलियम]] धातु का गलनांक क्रमश: 28° सें. तथा 29.78° सें. हैं। दूसरी और [[टंग्स्टेन]] धातु 3,380° सें. पर द्रव बनती है। उच्च ताप पर धातुएँ वाष्प में परिवर्तित हो जाएँगी। पर इसमें भी उनमें कोई समानता नहीं दिखाई देती। पारद का क्वथनांक 356° सें. है, परंतु टंग्स्टेन का 5,930° सें.। ऐसा अनुमान है कि टैंटेलम 6,100° सें. पर वाष्पित होगा।